बिहार के लीची किसानों को बड़ी राहत: 'स्टिंक बग' के हमले की जांच के लिए केंद्र ने बनाया एक्सपर्ट टास्क फोर्स

By रेनू तिवारी | May 08, 2026

बिहार के विश्व प्रसिद्ध लीची बागानों पर मंडरा रहे कीटों के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को घोषणा की कि बिहार में लीची की फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों का एक विशेष कार्यबल (Task Force) गठित किया गया है। यह निर्णय बिहार के किसानों की उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें इस साल ‘स्टिंक बग’ (Stink Bug) नामक कीट के कारण फसल को भारी नुकसान होने की बात कही गई थी।

चौहान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ दल एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कार्यबल राज्य एवं केंद्र दोनों स्तरों पर आवश्यक हस्तक्षेपों के बारे में भी सलाह देगा। सरकार, किसानों के हितों की रक्षा के लिए ‘‘पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता’’ के साथ काम कर रही है। बिहार भारत का प्रमुख लीची उत्पादक राज्य है। मुजफ्फरपुर की शाही लीची देश की सबसे मूल्यवान किस्मों में से एक है जिसे 2018 में भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिला था।

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राज्य और केंद्र का साझा प्रयास

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि टास्क फोर्स केवल नुकसान का आकलन ही नहीं करेगी, बल्कि राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर किए जाने वाले आवश्यक हस्तक्षेपों के बारे में भी सलाह देगी। इससे बिहार के लीची उद्योग को संकट से उबारने और किसानों की आय सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार बिहार के प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज या तकनीकी सहायता की घोषणा कर सकती है। 

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