Tata Electronics Data Leak: हैकर्स का दावा- हमारे पास है Apple-Tesla से जुड़ा 630 GB सीक्रेट डेटा

By Ankit Jaiswal | Jun 23, 2026

टाटा समूह की इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकाई टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कंपनी की कारोबारी उपलब्धियां नहीं, बल्कि एक साइबर सुरक्षा घटना है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि कुछ सप्ताह पहले उसके कुछ सिस्टम साइबर हमले से प्रभावित हुए थे। यह पुष्टि ऐसे समय में सामने आई है जब एक हैकर मंच पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का कथित डेटा उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है।

बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी और बेहद कम समय में यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल हो गई है। कंपनी देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गौरतलब है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एप्पल के लिए आईफोन निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में भी अहम भागीदार बन चुकी है। इसके अलावा कंपनी ने टेस्ला, इंटेल, क्वालकॉम और एएसएमएल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ भी साझेदारी विकसित की है।

कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि कुछ सप्ताह पहले साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक घटना की पहचान की गई थी। इसके बाद तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए गए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इस घटना का उसके विभिन्न कारोबारी परिचालनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि आखिर किस प्रकार का डेटा प्रभावित हुआ, कितने लोगों या संस्थाओं की जानकारी जोखिम में आई और क्या ग्राहकों को इसकी सूचना दी गई है। इसी वजह से इस मामले को लेकर कई सवाल अभी भी बने हुए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ कर्मचारियों को भी इस घटना के बारे में जानकारी दी गई है। वहीं एप्पल द्वारा मामले की जांच किए जाने और कथित तौर पर फिरौती की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि इन दावों पर अभी आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभरा है और कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां चीन के विकल्प के रूप में भारत में निवेश बढ़ा रही हैं। ऐसे में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना साइबर सुरक्षा को लेकर बड़े औद्योगिक समूहों के सामने मौजूद चुनौतियों की भी याद दिलाती है।

फिलहाल कंपनी मामले की जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डेटा लीक की वास्तविक सीमा क्या है और इससे किस स्तर तक प्रभाव पड़ा है। वहीं उद्योग जगत की नजरें भी इस मामले के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

प्रमुख खबरें

मैं 33-34 साल तक बहुत शरीफ था…, गोविंदा ने अफेयर्स की चर्चाओं पर तोड़ी चुप्पी, बोले- वो बेईमानी नहीं, प्रेम है

Diplomatic Tension के बीच ढाका में सक्रिय भारत, Dinesh Trivedi ने PM Tarique Rahman से की अहम मुलाकात

मणिपुर हिंसा के 24,000 पीड़ित परिवारों को अब तक क्यों नहीं मिला लाभ? Supreme Court ने Justice Mittal Committee से मांगी रिपोर्ट

Tarun Tejpal Rape Case: Sudhanshu Trivedi ने Congress को घेरा, पूछा- क्या था रिश्ता?