TCS Shares में बड़ी गिरावट के बीच Sensex 188 अंक टूटा, निवेशकों में Inflation Data को लेकर डर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 12, 2026

 स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 188 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में 36 अंक की गिरावट आई। कारोबारियों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में तेजी के साथ टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा नियुक्ति नहीं लेने की घोषणा से टाटा समूह के शेयरों में बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

63 साल के चंद्रशेखरन ने टाटा समूह के साथ 40 साल बिताए हैं। इस दौरान वह 2009 से 2017 तक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेजके मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भी रहे। इसके अलावा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, इटर्नल और इन्फोसिस में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट और पावर ग्रिड शामिल हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारत और अमेरिका में महंगाई के महत्वपूर्ण आंकड़ों से पहले बाजार में सतर्कता बनी रही।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच दोनों देशों के नीति-निर्माता आंकड़ों के आधार पर कदम उठाने पर जोर दे रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस माहौल में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जो दोबारा 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गईं, ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बावजूद चौतरफा बिकवाली देखी गई।’’ नायर ने कहा कि टाटा समूह के शेयरों पर चेयरमैन के पद छोड़ने की खबर का दबाव रहा। इससे बड़ी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन व्यापक बाजार (छोटी और मझोली कंपनियों के सूचकांक) की तुलना में कमजोर रहा।

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं सीईओ हरीसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों को कमजोर कर दिया और ऊर्जा लागत बढ़ने से महंगाई पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ गई। उन्होंने कहा, ‘‘ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंचने से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों की आवाजाही में फिर आई बाधाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताओं को बढ़ा दिया है।’’

मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.17 प्रतिशत टूटा, जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक लगभग स्थिर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.17 प्रतिशत टूटकर 88.76 डॉलर प्रति बैरल रहा। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में ज्यादातर में सकारात्मक रुख रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 258.55 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की। इससे पहले, मंगलवार को सेंसेक्स 388.19 अंक टूटकर 78,154.25 अंक और निफ्टी 112.10 अंक की गिरावट के साथ 24,471.70 अंक पर बंद हुआ था।

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