By अभिनय आकाश | Sep 17, 2026
भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप में एक बड़ा विवाद सामने आया है। टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस बोर्ड के उस फ़ैसले को खारिज कर दिया है जिसमें एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर और पांच साल के लिए बढ़ाने की बात कही गई थी। टाटा ट्रस्ट्स ने इस प्रस्ताव को गैर-कानूनी और अमान्य बताया है। यह टकराव टाटा संस बोर्ड की एक अहम बैठक में हुआ, जहां डायरेक्टर्स ने फरवरी 2027 में खत्म होने वाले कार्यकाल से पहले ही चंद्रशेखरन को फिर से नियुक्त करने के लिए 4-1 से वोट किया। एकमात्र असहमति वाला वोट टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन. टाटा का था, जिन्होंने तर्क दिया कि यह कदम कंपनी के 'आर्टिकल्स ऑफ़ एसोसिएशन' का उल्लंघन करता है। टाटा ट्रस्ट्स ने कहा कि नोएल टाटा ने 17 सितंबर को टाटा संस बोर्ड की बैठक में अपनी बात दोहराई और चंद्रशेखरन को फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। टाटा ट्रस्ट्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "टाटा ट्रस्ट्स का मानना है कि टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर श्री एन. चंद्रशेखरन को फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव गैर-कानूनी है।" ट्रस्ट्स के अनुसार, चार डायरेक्टर्स ने फिर से नियुक्ति के पक्ष में वोट किया, जबकि नोएल टाटा ने इसके खिलाफ वोट किया।