By Ankit Jaiswal | Feb 16, 2026
ओलंपिक आइस हॉकी में रविवार को कनाडा ने जिस अंदाज में फ्रांस को 10-2 से हराया, उसने टूर्नामेंट में उसकी दावेदारी और मजबूत कर दी है। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बेहतरीन संतुलन के साथ उतरी कनाडाई टीम ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए ग्रुप चरण में अपनी पकड़ साबित की है।
बता दें कि इस मुकाबले में 19 वर्षीय मैकलिन सेलिब्रिनी ने दो गोल और एक असिस्ट दर्ज किया। मौजूद जानकारी के अनुसार, तीन मैचों में उनके छह अंक हो चुके हैं और वह एनएचएल खिलाड़ियों की भागीदारी वाले ओलंपिक टूर्नामेंट में किशोर खिलाड़ी के रूप में सबसे ज्यादा अंक बनाने के मामले में येवगेनी माल्किन की बराबरी पर पहुंच गए हैं। गौरतलब है कि सेलिब्रिनी ओलंपिक में पेनल्टी शॉट पर गोल करने वाले तीसरे और पहले कनाडाई खिलाड़ी भी बने।
वहीं कनाडा के कप्तान Sidney Crosby ने एक गोल और दो असिस्ट के साथ अपना अनुभव फिर साबित किया। 38 वर्षीय क्रॉस्बी एनएचएल खिलाड़ियों की मौजूदगी वाले ओलंपिक संस्करण में कनाडा के लिए सर्वाधिक अंक बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच पर खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है और छोटे प्रारूप के टूर्नामेंट में हर मैच बेहद अहम होता है।
टीम के एक और स्टार खिलाड़ी Connor McDavid ने भी एक गोल और दो असिस्ट किए। नौ अंकों के साथ वह फिलहाल टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं। उनके अलावा डेवोन टोव्स, बो हॉरवट, ब्रैंडन हेगल, मार्क स्टोन और काले मकार ने भी गोल कर टीम की गहराई और संतुलन दिखाया।
गौरतलब है कि कनाडा को लंबे समय से ओलंपिक आइस हॉकी में मजबूत दावेदार माना जाता रहा है। एनएचएल खिलाड़ियों की वापसी के बाद टीम की ताकत और बढ़ी है। फ्रांस के खिलाफ यह जीत इस बात का संकेत है कि अनुभवी नेतृत्व और युवा जोश का मेल कनाडा को खिताब की दौड़ में सबसे आगे रखता है।
हालांकि बड़ी जीत के बावजूद कप्तान क्रॉस्बी ने माना कि टीम को अभी भी सुधार की गुंजाइश तलाशनी होगी, क्योंकि नॉकआउट चरण में छोटी-सी गलती भी भारी पड़ सकती है। मंगलवार से शुरू हो रहे अगले दौर से पहले कनाडा अंकतालिका में शीर्ष पर रहने की स्थिति में दिख रहा है, जबकि अमेरिका और जर्मनी के मुकाबले के नतीजे पर अंतिम क्रम तय होगा।