Nandigram History III | 1947 के पहले कैसे स्वतंत्र हो गया था नंदीग्राम

By अभिनय आकाश | May 20, 2023

अगस्त 1947 की दरमियानी रात को जब आधी दुनिया सो रही थी तो हिन्दुस्तान अपनी नियती से मिलन कर रहा था। हमने सैकड़ों सालों की अंग्रेजी हुकूमत की नींव उखाड़ कर आजादी हासिल की। ये तो हम सभी जानते हैं कि हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ। लेकिन क्या आपको पता है कि आजादी के पहले भी कई जिलें ऐसे भी थे जो कभी 73 दिनों के लिए तो कोई 3 दिनों के लिए 1947 से वर्षों पहले ब्रिटिश हुकूमत से आजाद करा लिए गए थे।

इसे भी पढ़ें: Nandigram History II | नंदीग्राम का महाभारत काल वाला कनेक्शन क्या है | Teh Tak

...और इस तरह तामलुक में बन गई आजाद सरकार

बंगाल के मिदनापुर जिले में तामलुक और कोनताई तालुका के लोग पहले से ही ब्रिटिश सरकार से नाराज थे। जापानी सेना के समुद्र मार्ग से इन इलाकों में उतरने की आशंका से नार्वो, बैलगाड़ियों, साइकिलों, बसों और सभी दूसरे वाहनों पर रोक लगा दी गई। आंदोलन की जमीन तैयार हो चुकी थी। कांग्रेस ने 5 हजार युवाओं का एक दल संगठित कर कताई केंद्र खोलकर रोजगार से वंचित 4 हजार लोगों को रोजगार दिया। 9 अगस्त को यहीं से आंदोलन शुरू हो गया। सामूहिक प्रदर्शन के साथ ही शैक्षणिक संसथाओं, में हड़ताल पर लोग जाने लगे, डाकघरों और थानों पर नियंत्रण की कोशिश की गई। लेकिन मामला तब तेज हुआ जब जनता ने अंग्रेज हुकूमत को चावल बाहर ले जाने से रोका। परिणाम स्वरूप फायरिंग हुई। फिर 28 सितंबर की रात सड़कों पर पेड़ काटकर उन्हें रोक दिया गया। उस दौर तक तामलुक रेल से नहीं जुड़ा था। जिसकी वजह से उसका पूरा संपर्क देश से टूट गया। अगले दिन करीब 20 हजार लोगों की भीड़ ने इलाके के तीन थानों पर हमला बोल दिया। आन्दोलनकारी तमलुक और कोनताई में ताम्रलिप्ता जातीय सरकार का गठन करने में सफल हुई।

इसे भी पढ़ें: Nandigram History IV | वाम सरकार के फैसले से किसानों के मन में क्यों पैदा होने लगी थी आशंकाएं?|

प्रमुख खबरें

100 करोड़ के कथित घोटाले में DMK नेता महेश पोय्यामोझी की अग्रिम जमानत मद्रास हाईकोर्ट से खारिज

सुलतानपुर की विशेष अदालत ने Rahul Gandhi को मानहानि मामले में बरी किया

Dharamshala में Paragliding के दौरान हादसा, बुल्गारिया के नागरिक की मौत

Delhi के Rohini में वायुसेना अधिकारी के मकान का ताला तोड़कर लाखों के जेवर चोरी