know your constitution Chapter 3 | क्या अकेले बाबा साहब ने ही बनाया था पूरा संविधान | Teh Tak

By अभिनय आकाश | Jan 21, 2025

आखिर बीआर आंबेडकर संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष भर थे तो संविधान बनाने का पूरा श्रेय उन्हें ही क्यों दिया जाता है। आखिर जब संविधान सभा में 200 से ज्यादा सदस्य थे तो अकेले डॉ. आबंडेकर को ही इतनी तव्ज्यों क्यों दी जाती है? आखिर भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक क्यों कहा जाता है। आखिर क्यों ये लोग मानते हैं कि भारत का जो संविधान है उसे डॉ. भीमराव आंबेडकर ने ही बनाया था। 

इसे भी पढ़ें: know your constitution Chapter 1 | 26 जनवरी 1950 को ही क्यों लागू हुआ संविधान | Teh Tak

संविधान का ड्राफ्ट बनाने के लिए बनी थी 7 सदस्यों की कमेटी 

हम जानते हैं कि प्रारूप समिति ने मई 1947 में संविधान सभा के सामने मसौदा पेश किया था। इस ड्राफ्ट में 7,500 से ज्यादा संशोधन सुझाए गए, जिनमें से लगभग 2,500 को स्वीकार किया गया। संविधान सभा का मसौदा तैयार करने के लिए 7 सदस्यों की ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई गई थी। इस ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ आंबेडकर थे। वहीं कमेटी के सदस्य कन्हैयालाल मुंशी, मोहम्मद सादुल्लाह, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर, गोपाळ स्वामी अय्यंगार, एन. माधव राव और टीटी कृष्णामचारी थे। 

कैबिनेट मिशन की सिफारिशों पर संविधान सभा की 385 सीटों के लिए चुनाव हुए। उस चुनाव में भीमराव आंबेडकर बंबई से शेड्यूल कास्ट फेडरेश के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव हार गए। हालांकि महात्मा गांधी से लेकर कांग्रेस और मुस्लिम लीग भी चाहती थी कि आंबेडकर संविधान सभा में होने चाहिए। बंगाल से मुस्लीम लीग के वोटों के जरिए आंबेडकर चुनाव जीत गए और संविधान सभा के सदस्य बने। 11 दिसंबर को सर्वसम्मति से डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। संविधान सभा की बैठक के पांचवें दिन जवाहर लाल नेहरू ने संविधान सभा में लक्ष्य संबंधित प्रस्ताव पेश किया। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पुरुषोत्तम दास टंडन ने इसका अनुमोदन किया। 

इसे भी पढ़ें: know your constitution Chapter 2 | मौलिक अधिकार वाले भाग में राम, सीता और लक्ष्मण का चित्र| Teh Tak

केवल आंबेडकर पर आ गई सारी जिम्मेदारी 

जब संविधान का ड्राफ्ट बनाने की बात आई, तो 7 सदस्यों में से सिर्फ आंबेडकर ही मौजूद थे। इस घटना का जिक्र ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य टी.टी कृष्णामचारी ने संविधान सभा में किया। टीटी कृष्णामाचारी ने नवंबर 1948 में संविधान सभा में कहा कि 'मृत्यु, बीमारी और अन्य व्यस्तताओं' की वजह से कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने मसौदा बनाने में पर्याप्त योगदान नहीं दिया। इसके चलते संविधान तैयार करने का बोझ डॉ आंबेडकर पर आ पड़ा। 

100 दिनों तक संविधान सभा में खड़े होकर ड्राफ्ट को धैर्यपूर्वक समझाया 

संविधान की सर्वसम्मति से स्वीकृति के मौके पर 25 नवंबर 1949 के उनके जिस ऐतिहासिक भाषण को बार- बार उद्धृत किया जाता है। उसमें उन्होंने कहा था कि जो श्रेय मुझे दिया गया है, इसका वास्तव में मैं ही अधिकारी नहीं हूं। उसके अधिकारी बेनेगल नरसिंह राव भी हैं, जो इस संविधान के संवैधानिक सलाहार हैं और जिन्होंने प्रारूप समित के विचारार्थ मोटे तौर पर संविधान का मसौदा बनाया। आंबेडकर ने करीब 100 दिनों तक संविधान सभा में खड़े होकर संविधान के पूरे ड्राफ्ट को धैर्यपूर्वक समझाया और हर एक सुझाव पर विमर्श किया।

इसे भी पढ़ें: know your constitution Chapter 4 | संविधान सभा में आरक्षण के मुद्दे को लेकर क्या हुआ था? | Teh Tak

प्रमुख खबरें

Team India में अब चलेगी Gautam Gambhir की? Suryakumar Yadav की Captaincy पर लेंगे आखिरी फैसला!

TVK कैबिनेट में शामिल होने पर Thirumavalavan की सफाई, बोले- VCK कार्यकर्ताओं ने मुझे मजबूर किया

पाक आर्मी चीफ Asim Munir की तेहरान यात्रा सफल? USA को उम्मीद, Iran आज मान लेगा डील

Rajnath Singh का Shirdi से ऐलान: कोई ताकत नहीं रोक सकती, India बनेगा Top Arms Exporter