Tejas MK-1A की IAF को डिलीवरी इसी साल होगी शुरू, HAL ने तेज की तैयारी

By Ankit Jaiswal | Sep 18, 2026

भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े को मजबूत करने की दिशा में एक अहम खबर सामने आई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को उम्मीद है कि वह तेजस MK-1A लड़ाकू विमानों की भारतीय वायुसेना को आपूर्ति इसी साल के अंत तक शुरू कर देगी। कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रवि के. के मुताबिक, विमान से जुड़े आखिरी चरण के काम चल रहे हैं। कुछ रडार से जुड़ी दिक्कतें और हथियारों के एकीकरण का अंतिम परीक्षण अभी पूरा होना बाकी है।

बता दें कि तेजस MK-1A भारतीय वायुसेना के लिए काफी महत्वपूर्ण विमान है। वायुसेना इस समय लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। उसके पास अधिकृत 42.5 लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन के मुकाबले करीब 30 स्क्वाड्रन ही काम कर रहे हैं। ऐसे में नए विमानों की समय पर तैनाती को लेकर वायुसेना की चिंता लगातार बनी हुई है।

भारतीय वायुसेना ने तेजस MK-1A के लिए दो बड़े सौदे किए हैं। पहला सौदा फरवरी 2021 में 83 विमानों के लिए हुआ था, जिसकी कीमत करीब 48 हजार करोड़ रुपये थी। इसके बाद सितंबर 2025 में 97 और विमानों के लिए दूसरा समझौता किया गया। दोनों सौदों को मिलाकर कुल 180 तेजस MK-1A विमानों की कीमत करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये बैठती है। अभी जिन विमानों की आपूर्ति शुरू होनी है, वे पहले सौदे का हिस्सा हैं।

एचएएल ने वित्त वर्ष 2026-27 में वायुसेना को करीब 10 तेजस MK-1A देने का लक्ष्य रखा है। रवि के. के अनुसार, कंपनी को अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक से 10 इंजन मिल चुके हैं, जबकि 27 विमानों के ढांचे तैयार हैं। उनका कहना है कि इंजन उपलब्ध होते ही तैयार विमानों को पूरा करके आगे भेजा जा सकता है।

हालांकि, तेजस MK-1A कार्यक्रम पहले ही देरी का सामना कर चुका है। 2021 में हुए पहले सौदे के विमानों की आपूर्ति मार्च 2024 से शुरू होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसमें जनरल इलेक्ट्रिक की ओर से AF-404 इंजन की समय पर आपूर्ति नहीं होना और कुछ जरूरी प्रमाणपत्र मिलने में देरी जैसे कारण शामिल रहे हैं।

रवि के. के मुताबिक, इंजन की आपूर्ति नियमित रहती है तो एचएएल तीन से चार साल में पहला सौदा पूरा कर सकती है। कंपनी ने इंजन की उपलब्धता में उतार-चढ़ाव के बावजूद विमान के ढांचे तैयार करना बंद नहीं किया है। इसका मकसद यह है कि इंजन मिलते ही तैयार ढांचे को तेजी से विमान में बदला जा सके।

दूसरे सौदे के तहत बनाए जाने वाले 97 तेजस MK-1A विमानों में पहले की तुलना में ज्यादा स्वदेशी तकनीक इस्तेमाल होगी। इनमें उत्तम सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन की जाने वाली रडार प्रणाली और स्वयम रक्षा कवच इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली जैसे स्वदेशी उपकरण शामिल किए जाएंगे। पहले 83 विमानों में इस्तेमाल होने वाली करीब 40 विदेशी प्रणालियों को भी धीरे-धीरे स्वदेशी प्रणालियों से बदलने की योजना है।

गौरतलब है कि तेजस के अधिक एडवांस MK-2 संस्करण पर भी काम आगे बढ़ रहा है। एचएएल के मुताबिक, इस विमान का ढांचा तैयार हो चुका है और आगे के, बीच के तथा पीछे के हिस्सों को जोड़ दिया गया है। कंपनी मार्च 2027 तक इसका पहला जमीन पर इंजन परीक्षण करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पहली उड़ान उसी साल बाद में होने की उम्मीद है। हालांकि, MK-2 के लिए मुख्य अनुबंध पर अभी हस्ताक्षर होना बाकी है और भारतीय वायुसेना इस मामले को आगे बढ़ा रही है।

MK-2 विमान के लिए ज्यादा ताकतवर AF-414 इंजन की देश में संयुक्त उत्पादन योजना पर भी एचएएल अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक के साथ बातचीत कर रही है। भारत के पास इस इंजन की कुछ इकाइयां पहले से हैं, जिनका इस्तेमाल MK-2 के शुरुआती नमूनों में किया जा सकता है।

रवि के. ने बताया कि AF-414 इंजन के देश में संयुक्त उत्पादन से जुड़े तकनीकी मुद्दे सुलझ चुके हैं। अब जनरल इलेक्ट्रिक की ओर से कारोबारी प्रस्ताव मिलने का इंतजार है। इसके बाद कीमत और दूसरी शर्तों पर बातचीत शुरू होगी। इस समझौते में करीब 80 प्रतिशत तकनीक भारत को मिलने की बात कही गई है।

तेजस कार्यक्रम को आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दशकों में वायुसेना के पास MK-1, MK-1A और MK-2 को मिलाकर करीब 350 तेजस विमान होंगे। ऐसे में MK-1A की समय पर आपूर्ति और MK-2 का विकास दोनों ही वायुसेना के लड़ाकू बेड़े को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल एचएएल की प्राथमिकता MK-1A से जुड़े आखिरी तकनीकी काम पूरे कर इस साल के अंत तक आपूर्ति शुरू करने की है।

प्रमुख खबरें

Asian Games में चौथी बार उतरेंगी Pranati Nayak, पहले पदक पर टिकी निगाहें

Ajit Agarkar के कार्यकाल पर BCCI सचिव Devajit Saikia ने कहा, उचित समय पर होगा फैसला

MMA Fighter Varun Sanyal और भारतीय निशानेबाजों को Asian Games में आवास के लिए परेशानी हुई

Bihar Flood: भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया तीन महीने का वेतन