Tejas के पंखों पर लगा 'ब्रेक'! तेजस की तकनीकी खामियों ने बढ़ाई Indian Air Force की सिरदर्दी! क्या फेल हो रहा है स्वदेशी मिशन?

By रेनू तिवारी | Feb 23, 2026

भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अपने पूरे बेड़े के संचालन पर रोक लगा दी है। इस महीने की शुरुआत में हुई इस दुर्घटना ने रक्षा विशेषज्ञों और वायुसेना के भीतर चिंता की लहर पैदा कर दी है। सुरक्षा के मद्देनजर करीब 30 सिंगल-सीट तेजस जेट्स को गहन तकनीकी जांच और 'प्रोप' (Probe) के लिए ग्राउंड (Grounding) कर दिया गया है। इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) ने एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) को एक एक्सीडेंट में खो दिया है, जिसके बाद पूरे फ़्लीट में जांच और बड़े पैमाने पर टेक्निकल चेकिंग शुरू हो गई है।

 

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Sam Pitroda ने IT Sector में गिनाईं भारत की 'नाकामियाँ', पलटवार में BJP ने उपलब्धियों की सूची जारी कर दी

 

नोट- IAF ने अभी तक इस नए हादसे पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है।


शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी 

सूत्रों के अनुसार, यह घटना एक प्रमुख एयरबेस पर तब हुई जब विमान एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान (Sortie) के बाद लैंडिंग कर रहा था। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी (Technical Glitch) की आशंका जताई जा रही है, जो संभवतः ऑनबोर्ड सिस्टम की विफलता से जुड़ी हो सकती है। दुर्घटना में विमान के एयरफ्रेम को गंभीर नुकसान पहुंचा है और इसे 'रिटन-ऑफ' (कबाड़) घोषित किया जा सकता है। पायलट समय रहते इजेक्ट करने में सफल रहा और सुरक्षित है।

 

इसे भी पढ़ें: BAFTA 2026: लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में गूंजा Dharmendra का नाम, 'इन मेमोरियम' खंड में दी गई भावुक श्रद्धांजलि


न्यूज़ एजेंसी PTI ने बताया कि एक्सीडेंट के बाद, इंडियन एयर फ़ोर्स ने लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस जेट विमानों के अपने पूरे फ़्लीट को उड़ान से रोक दिया है ताकि गहन टेक्निकल जांच की जा सके।


एयरक्राफ्ट को गंभीर एयरफ़्रेम डैमेज हुआ है और इसे राइट ऑफ़ किया जा सकता है। हालांकि, पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया और बिना किसी गंभीर चोट के बच गया। IAF में शामिल होने के बाद से यह तीसरा तेजस एयरक्राफ्ट है जो खो गया है।


पहला क्रैश मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुआ था, जब जेट एक फायरपावर डेमोंस्ट्रेशन से लौट रहा था; पायलट सुरक्षित निकल गया था। दूसरा हादसा नवंबर 2025 में दुबई एयरशो में एक एरोबैटिक डिस्प्ले के दौरान हुआ, जिसमें पायलट की मौत हो गई। उस क्रैश की जांच अभी भी चल रही है।


संकट में तेजस Mk1A प्रोग्राम?

यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब तेजस Mk1A कार्यक्रम पहले से ही देरी का सामना कर रहा है। वायुसेना ने 180 उन्नत Mk1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है, लेकिन इनकी डिलीवरी अपने निर्धारित समय से लगभग दो साल पीछे चल रही है। बार-बार होने वाले ये हादसे और देरी भारत के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के लिए एक बड़ा झटका माने जा रहे हैं।


नोट- IAF ने अभी तक इस नए हादसे पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है।


All the updates here:

प्रमुख खबरें

कौन होगा INDIA ब्लॉक का Leader? मणि शंकर अय्यर ने Rahul Gandhi के नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

Tarot Horoscope Today: इन 3 राशियों की Life में बड़ी उथल-पुथल, Cards बता रहे कैसा रहेगा आपका दिन

अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने की भीषण बमबारी, बुरी तरह भड़का भारत!

T20 World Cup में क्यों फ्लॉप हुए Abhishek Sharma? Sunil Gavaskar ने बताई असली वजह