Tejashwi Yadav ने बिहार में एक और पुल ढहने का किया दावा, अधिकारी का अलग बयान

By Prabhasakshi News Desk | Jul 07, 2024

मोतिहारी/पटना । राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को दावा किया कि बिहार में एक और पुल ढह गया है, हालांकि संबंधित अधिकारी ने कहा कि यह एक अस्थायी संरचना थी जो भारी बारिश में बह गई। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, बिहार के पूर्वी चंपारण में आज फिर एक पुल और गिरा। सरकार थोड़े गिरी है जो खबर बनेगी? बीते 19 दिनों में यह 13वां भ्रष्टाचारी पुल गिरा है। पुलिया, सड़क और बांध टूटने एवं धंसने के तो मामले अनगिनत हैं। वीडियो क्लिप में स्थानीय लोगों को मधुबन प्रखंड के अंतर्गत आने वाले एक गांव में हुई इस घटना के लिए दो नंबर का माल (नकली सामग्री) के इस्तेमाल को दोषी ठहराते हुए सुना जा सकता है। 

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ हफ्तों में बिहार के कई जिलों में एक दर्जन से अधिक पुलों के ढहने के कारण अधिकारियों ने कम से कम 15 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। बिहार में ढहे पुलों में 23 जून को पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासाहन प्रखंड क्षेत्र में और 26 जून को मधुबनी जिले में निर्माणाधीन एक-एक पुल तथा 18 जून को अररिया जिले के परारिया गांव में बकरा नदी पर नवनिर्मित एक पुल भी शामिल है। हालांकि, ऐसी दुर्घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ है लेकिन इन घटनाओं ने राजनीतिक वाद-विवाद को भी जन्म दिया है, जिसमें यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा है। लेकिन, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने इसका दोष राजद पर मढ़ते हुए कहा है कि बिहार में राजग की सरकार बनने से पहले ग्रामीण कार्य विभाग उक्त पार्टी के पास था। 

इस बीच, राजद द्वारा जारी एक प्रेस वक्तव्य में कहा गयाकि प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा है, बिहार में आज फिर एक पुल का गिरना तथा बीते 19 दिन में कुल 13 पुलों का पानी में बह जाना नीतीश सरकार में फैले संस्थागत भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष दृष्टांत है। उन्होंने कहा, हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हैं कि वो बिहारवासियों को बताएं कि गिरने वाले पुलों की स्वीकृति कब हुई और किसने दी, गिरने वाले पुलों की निविदाकब, किसके कार्यकाल में हुई, गिरने वाले पुलों का शिलान्यास कब और किसने किया, गिरने वाले पुलों का उद्घाटन कब और किसने किया, महज 19 दिन में 13 पुलों के गिरने से जनता की कुल कितनी गाढ़ी कमाई पानी में बह गयी? यादव ने कहा, अगर मुख्यमंत्री जी इन आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं करते है तो स्पष्ट है कि 18 वर्षों से बिहार में सत्ता पर काबिज राजग के नेता ऊपर से लेकर नीचे तक इस भ्रष्टाचारी व्यवस्था के संपोषक, संरक्षक, प्रायोजक और साझेदार हैं।

प्रमुख खबरें

Assam में सरकार बनते ही पहली Cabinet में UCC, Amit Shah बोले- चार शादी अब नहीं चलेगी

Mumbai vs Rajasthan: गुवाहाटी में हाई-वोल्टेज टक्कर, Points Table में टॉप पर पहुंचने की जंग।

Global Market में Maruti eVitara का दमदार प्रदर्शन, ANCAP क्रैश टेस्ट में मिली 4-Star रेटिंग

अब नहीं पनपेंगे माओवादी: जरा याद इन्हें भी कर लो