By Ankit Jaiswal | Sep 27, 2026
अयाची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए रविवार का दिन कई उतार-चढ़ाव वाला रहा। तेजस्विन शंकर ने दो दिनों तक चले कठिन डेकाथलॉन मुकाबले का अंत 1500 मीटर दौड़ जीतकर किया और कुल 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 1500 मीटर में उन्होंने 4:33.09 का समय निकाला और जापान के युमा मारुयामा को पीछे छोड़ा।
बता दें कि डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग स्पर्धाएं होती हैं और खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं। तेजस्विन ने इनमें से 3 स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लंबी कूद, ऊंची कूद और 1500 मीटर में जीत दर्ज की। दो दिन तक चले इस मुकाबले में लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
तेजस्विन का कांस्य भारत के लिए इन एशियाई खेलों का 35वां पदक रहा। इसके साथ भारत की पदक संख्या 4 स्वर्ण, 15 रजत और 16 कांस्य तक पहुंच गई। एथलेटिक्स में यह भारत का 11वां पदक है। हालांकि, ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारत अभी भी अपने पहले स्वर्ण पदक का इंतजार कर रहा है।
गौरतलब है कि रविवार को एथलेटिक्स में भारत के लिए अंसी सोजन ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह स्वर्ण पदक से सिर्फ 2 सेंटीमीटर दूर रह गईं। महिलाओं की लंबी कूद में अंसी ने 5वें प्रयास में 6.53 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन चीन की यिंगयिंग हुआंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर उनसे स्वर्ण छीन लिया। अंसी की आखिरी छलांग 6.49 मीटर रही और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारत की शाइली सिंह भी पदक की दौड़ में थीं, लेकिन अंतिम प्रयास में चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग लगाकर उन्हें पीछे कर दिया। शाइली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6.42 मीटर रहा और वह चौथे स्थान पर रहीं।
इससे पहले महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने जापान की अबिगेइरुफुका इदो को सिर्फ 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। इंडोनेशिया की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन की युजी चेन ने 22.93 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक हासिल किया।
भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ 6वें स्थान पर रहीं। इस तरह एथलेटिक्स में एक ही दिन भारत को कई अहम पदक मिले, लेकिन स्वर्ण पदक की तलाश जारी रही। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा में जीत के साथ अपना अभियान पदक के साथ खत्म किया है।