उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तनावपूर्ण शांति, NSA डोभाल ने हिंसा ग्रस्त इलाकों का किया दौरा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 26, 2020

नयी दिल्ली। उत्तरपूर्वी दिल्ली में मंगलवार को नए सिरे से हिंसा भड़क गई जिसमें मृतक संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस भीड़ पर काबू पाने की जद्दोजेहद में लगी रही जो गलियों में घूम रही थी। भीड़ में शामिल लोग दुकानों को आग लगा रहे थे, पथराव कर रहे थे और वे स्थानीय लोगों के साथ मारपीट कर रहे थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने पूरी रात उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते रहे। वो सीलमपुर भी गए। राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी इलाके में तनाव के दूसरे दिन हिंसा चांदबाग और भजनपुरा सहित कई क्षेत्रों में फैल गई। इस दौरान पथराव किया गया, दुकानों को आग लगायी गयी। दंगाइयों ने गोकलपुरी में दो दमकल वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ भड़काऊ नारे लगा रही थी और मौजपुर और अन्य स्थानों पर अपने रास्ते में आने वाले फल की गाड़ियों, रिक्शा और अन्य चीजों को आग लगा दी। ऐसे में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शहर में हैं, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई हुई है। पुलिस ने दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इन दंगाइयों ने अपने हाथों में हथियार, पत्थर, रॉड और तलवारें भी ली हुई थीं। कई ने हेलमेट पहन रखे थे। 

इसे भी पढ़ें: ओवैसी ने दिल्ली हिंसा की निंदा की, बोले- भाजपा नीत सरकार पूरी तरह विफल रही

मौजपुर के एक निवासी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, ‘‘इलाके में शायद ही कोई पुलिस की मौजूदगी है। दंगाई इधर उधर घूम रहे हैं और लोगों को धमका रहे हैं, दुकानों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। परिवारों को वहां से निकालने की जरूरत है। हम अपने घरों में असुरक्षित हैं।’’ एक अन्य ने कहा कि 35 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, संभवतः 1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद से उसने इस तरह की स्थिति देखी है। उसने पीटीआई से कहा, ‘‘क्षेत्र हमेशा से शांतिपूर्ण रहा है।’’ उपद्रव दिनभर चलता रहा। मिसाल के तौर पर चांदबाग में शाम पांच बजे के आसपास सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया। सुरक्षा बलों ने भीड़ को खदेड़ा लेकिन कुछ अन्य ने उन पर ताजा हमला किया जो पेट्रोल बम से लैस थे। यमुना विहार और जाफराबाद के कुछ निवासियों ने पीटीआई को बताया कि उन्होंने दंगाइयों के हाथों में तलवारें देखीं। मारे गए व्यक्तियों में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल भी शामिल हैं। लाल की मौत गोली लगने से हुई।  मारे गए लोगों में घोंडा निवासी विनोद कुमार भी शामिल था जिसे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसका शव जग परवेश अस्पताल के मुर्दाघर में है। जाफराबाद के पास कर्दमपुरी से मोहम्मद फुरकान की भी मौत हो गई है जिसकी 2014 में शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। उसके भाई मोहम्मद इमरान ने कहा के दोनों भाई हस्तशिल्प व्यवसाय में थे। 

प्रमुख खबरें

Bengaluru बनेगा Chess का नया Powerhouse, Global Chess League के Season 4 की करेगा मेजबानी

Project Kusha भारत की सुरक्षा में गेम-चेंजर: Rajnath Singh ने नए Air Defense System को सराहा

KALA HIRAN फिल्म पर भड़के Salman Khan, रिलीज पर रोक लगाने के लिए पहुंचे Delhi High Court

Rajnath Singh का बड़ा बयान, भारत का Project Kusha S-400 से भी बड़ा Game-Changer साबित होगा