By नीरज कुमार दुबे | Oct 30, 2026
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। हम आपको बता दें कि शोपियां पुलिस ने आतंकवादी संगठनों तक आर्थिक मदद पहुंचाने वाले एक आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की गतिविधियों को आर्थिक और रसद सहायता उपलब्ध कराने में जुटा था। गिरफ्तार किए गए लोग आतंकियों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) बताये जा रहे हैं।
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जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी आम नागरिकों से गुप्त तरीके से धन जुटाते थे और स्थापित वित्तीय संपर्कों के माध्यम से उसे आगे पहुंचाते थे। इस धन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने के साथ-साथ आतंकियों को स्मार्टफोन और दूसरी जरूरी रसद सहायता उपलब्ध कराने में किया जा रहा था। यानी आतंकियों तक मदद पहुंचाने के लिए एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया था, जो सीधे हथियार उठाने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी करने में जुटा था।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान ओवैस शफी नाइकू, तजामुल अहमद शाह, मोइज इकबाल, इमदाद यूसुफ गनी, साकिब जहूर वानी, लियाकत नजीर लोन, आमिर अहमद गनी, फिरदौस ठोकर, मोहम्मद हनीफ और काजू के रूप में हुई है। इस संबंध में शोपियां थाने में एफआईआर संख्या 231/2026 दर्ज की गई है। पुलिस की ओर से मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और नेटवर्क के दूसरे वित्तीय संपर्कों तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना भी जताई है।
उधर, शोपियां पुलिस की इस कार्रवाई की कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत कुमार ने भी सराहना की है। उन्होंने पुलिस टीम के प्रयासों को जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आतंकी नेटवर्क को बाधित करने के ऐसे कदम लोगों की सुरक्षा के लिए अहम हैं।
इस बीच, जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। सर्दियों के आगमन और आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा बलों ने सीमा पर सुरक्षा ग्रिड को सख्त कर दिया है। सीमा पर निगरानी बढ़ाने के साथ सुरक्षा इंतजामों को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि घुसपैठ और किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। बहरहाल, कश्मीर में आतंकी फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी के बीच सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सतर्क हैं।