टेरर फंडिंग केस: हाफिज सईद पर तय नहीं हो सके आरोप, 11 दिसंबर को अगली सुनवाई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 07, 2019

लाहौर। लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित जमाद-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवाद के वित्त पोषण को लेकर आरोप तय नहीं कर सकी क्योंकि अधिकारी आश्चर्यजनक रूप से शनिवार को इस हाई प्रोफाइल सुनवाई में एक सह-आरोपी को पेश करने में नाकाम रहे। इससे एक दिन पहले भारत ने कहा था कि उसे मालूम है कि मुंबई आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड ‘‘आजादी से घूम रहा है’’और ‘‘पाकिस्तान के आतिथ्य सत्कार’’ का आनंद उठा रहा है।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान के खिलाफ चौकन्ना रहने की जरूरत है: राजनाथ सिंह

अदालत के एक अधिकारी ने सुनवाई के बाद कहा कि पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग की प्राथमिकी 30/19 के तहत हाफिज सईद और अन्यों के खिलाफ मामले पर आतंकवाद के वित्त पोषण के संबंध में आतंकवाद रोधी अदालत-1 में आरोप तय किए जाने थे लेकिन आश्चर्यजनक रूप से सह-आरोपी मलिक जफर इकबाल को जेल से पेश नहीं किया गया। इसके कारण मामले को आरोप तय करने के लिए 11 दिसंबर तक मुल्तवी किया जाता है।’’

सईद को लाहौर की कोट लखपत जेल से उच्च सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। पत्रकारों को सुरक्षा कारणों से सुनवाई की रिपोर्टिंग करने के लिए अदालत परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका और तालिबान के बीच फिर शुरू हुई बातचीत, पाकिस्तान ने किया स्वागत

अदालत के अधिकारी ने बताया कि न्यायाधीश अरशद हुसैन भुट्टा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इकबाल 11 दिसंबर को अगली सुनवाई में पेश हो। पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में ‘‘आतंकवाद के वित्त पोषण’’ के आरोपों पर सईद और उसके साथियों के खिलाफ 23 प्राथमिकियां दर्ज की थी और जमात-उद-दावा (जेयूडी) सरगना को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया था। 

प्रमुख खबरें

Women T20 WC: सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने को भारत को हर हाल में दिखाना होगा दम

Stranger Things की सुपरहिट जोड़ी फिर मचाएगी धमाल, Netflix पर साथ दिखेंगे Millie Bobby Brown-David Harbour

4 साल बाद Nitish से मिले RCP Singh, क्या JD(U) में होगी उनकी वापसी?

Pakistan में असली vs नकली कश्मीरी पर जंग, PoK के PM और रक्षा मंत्री Khawaja Asif आपस में भिड़े