By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 01, 2026
ठाणे, एक अक्टूबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मई 2021 में नगर निकाय के कचरा ट्रक की चपेट में आने से मारे गए 12 वर्षीय बच्चे की मां को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होग। एमएसीटी के सदस्य आर. वी. मोहिते की अध्यक्षता वाले न्यायाधिकरण ने सोमवार को न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मुआवजे की राशि का भुगतान करने और बाद में बीमा पॉलिसी की शर्तों के उल्लंघन के कारण पूरी राशि ट्रक के मालिक कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के नगर आयुक्त से वसूलने का निर्देश दिया।
हालांकि, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के रिकॉर्ड के अनुसार ट्रक का फिटनेस प्रमाणपत्र 10 मार्च 2013 को समाप्त हो गया था और उसका नवीनीकरण नहीं हुआ था। चालक का परिवहन श्रेणी का ड्राइविंग लाइसेंस भी 13 अगस्त 2019 को समाप्त हो गया था। न्यायाधिकरण ने कहा कि 2019 में लॉकडाउन नहीं था और केडीएमसी 26 मार्च 2021 के सरकारी प्रस्ताव का लाभ नहीं उठा सकती।
उसने कहा कि वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस और वाहन के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं था, जिससे बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हुआ। न्यायाधिकरण ने केडीएमसी को चालक के लाइसेंस का सत्यापन नहीं करने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया। उसने 30,000 रुपये की काल्पनिक वार्षिक आय और 15 के गुणक सहित अन्य मदों के आधार पर पांच लाख रुपये मुआवजा तय किया।
बीमा कंपनी को याचिका दायर करने की तारीख से ब्याज सहित राशि एक महीने के भीतर न्यायाधिकरण के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया, ताकि इसे बच्चे की मां के खाते में सीधे हस्तांतरित किया जा सके।