By अंकित सिंह | Dec 25, 2025
बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की हत्या की निंदा करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि भारत में भी विरोध प्रदर्शन होते हैं, लेकिन वहां किसी की 'भीड़भाड़' नहीं होती। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहां किसी भी 'हिंसा के प्रयास' पर पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी और की जानी चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बांग्लादेश में भारत विरोधी कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद फैली अशांति का जिक्र कर रहे थे। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए थरूर ने कहा कि मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को अशांति को नियंत्रण में लाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि यह उनका 'कर्तव्य' है। थरूर ने कहा कि 'अराजकता और भय' के माहौल में चुनाव नहीं हो सकते, और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश में मतदाता असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर से बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारत ने 'सही मानवीय भावना' का परिचय देते हुए किसी ऐसे व्यक्ति को वापस नहीं भेजा, जो कई वर्षों से नई दिल्ली की अच्छी मित्र रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत को हसीना को तब तक सुरक्षित रूप से यहां रहने देना चाहिए जब तक कि सरकार इन सभी पहलुओं का और अधिक विस्तार से अध्ययन न कर ले। पिछले साल अगस्त में छात्रों के एक बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद हसीना की सरकार गिर गई थी। बाद में वह भारत भाग गईं और तब से दिल्ली में रह रही हैं।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों के मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निर्वासित करने का अधिकार सरकार के पास है। हालांकि, उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सीमाओं पर बेहतर नियंत्रण होना चाहिए। थरूर ने एएनआई से कहा, "अगर अवैध प्रवासी हमारे देश में आ रहे हैं, तो क्या यह हमारी विफलता नहीं है? क्या हमें अपनी सीमाओं पर बेहतर नियंत्रण नहीं रखना चाहिए?"