अपने गौरवशाली इतिहास को दर्शाता शहर भरतपुर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 22, 2017

भरतपुर का नाम सुनते ही आपके जेहन में पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देने लगेगी, इतना गहरा रिश्ता है दोनों में। अगर आप आगरा की ओर से राजस्थान आ रहे हैं तो पूर्व दिशा से भरतपुर ही मुख्य द्वार होगा।

इन योद्धाओं ने अपने समय का उपयोग शानदार किले व महल बनवाकर बड़े सुनियोजित ढंग से किया था। 18वीं शताब्दी में बना लोहागढ़ किला इसका जीवंत उदाहरण है, लेकिन इसके नाम से धोखा मत खाइएगा। इस किले की दीवारें लोहे की नहीं, आम इमारतों की तरह ईंट-गारे से ही बनी हैं, परंतु अपनी दुर्जेयता ने इसे लोहागढ़ के नाम से विख्यात किया है। बनावट से ही यह एक अजेय दुर्ग प्रतीत होता है। अब यहां कुछ सरकारी दफ्तर व सरकार द्वारा ही संचालित एक संग्रहालय है।

पर अगर आप 'पक्षियों का स्वर्ग' केवला देव नेशनल पार्क नहीं जायेंगे तो आपका भरतपुर भ्रमण अधूरा ही रह जाएगा। इस उद्यान में पक्षियों की 354 प्रजातियां हैं जिनमें अब लुप्त होते साइबेरियन सारस भी शामिल हैं। इस पक्षी उद्यान की एक और विशेषता है- यहां का आपको घुमाने वाला साइकिल रिक्शा, जो पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है।

प्रमुख खबरें

IPL 2026 में Arjun Tendulkar का परफेक्ट यॉर्कर, बेटे की सफलता पर Sachin का दिल छू लेने वाला Post

FIFA World Cup 2026 Schedule: Mexico में उद्घाटन मैच, जानें USA-Canada कब शुरू करेंगे अभियान

Delhi High Court का बड़ा फैसला, Vinesh Phogat के Asian Games Trials का रास्ता हुआ साफ।

रॉकेट नहीं, Elon Musk का Starlink बना SpaceX का कमाई इंजन, Financial Report में बड़ा खुलासा