By रेनू तिवारी | Jun 05, 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने तेलुगु सिनेमा के मशहूर अभिनेता अक्कीनेनी नागा चैतन्य (Naga Chaitanya) के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने इंटरनेट पर अभिनेता की सहमति के बिना प्रसारित की जा रही अश्लील सामग्री और एआई-जनित (AI-generated) उन आपत्तिजनक छवियों व वीडियो पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है, जिनमें उन्हें अनुचित परिस्थितियों में दर्शाया गया है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए तीसरे पक्षों (Third Parties) को अभिनेता की अनुमति के बिना उनके नाम, छवि या आवाज का व्यावसायिक उपयोग करने तथा उनसे जुड़े सामान (Merchandise) बेचने से भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को ऐसी सभी आपत्तिजनक सामग्री हटाने का आदेश दिया गया है।
न्यायाधीश ने 29 मई के अंतरिम आदेश में कहा कि नागा चैतन्य निस्संदेह भारतीय फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध अभिनेता हैं और उन्हें तीसरे पक्ष द्वारा अनधिकृत रूप से किए जा रहे उनके नाम, छवि और आवाज के इस्तेमाल से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। अदालत ने कहा, ‘‘ इस तरह की अरुचिकर और आपत्तिजनक सामग्री वादी (अभिनेता) की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है, और इससे जनता के बीच यह गलत संदेश जा सकता है कि जो कुछ भी दिखाया जा रहा है वह सच है।
वादी के उस अधिकार को भी सुरक्षित रखने की आवश्यकता है, जिसके तहत वह तीसरे पक्षों को अपने अधिकारों का उल्लंघन करने और उनके नाम का गलत फायदा उठाकर सामान बेचने से रोक सकें।’’ ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सलमान खान जैसी कई हस्तियों, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर, पत्रकार सुधीर चौधरी और पॉडकास्टर राज शमानी ने भी पूर्व में अपनी निजता और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी। हाल में, उच्च न्यायालय ने अंतरिम राहत प्रदान करके वरिष्ठ नेता शशि थरूर, क्रिकेटर गौतम गंभीर और बॉलीवुड कलाकारों सोनाक्षी सिन्हा, विवेक ओबेरॉय, अरुण कपूर, वरुण धवन और अल्लू अर्जुन के व्यक्तित्व अधिकारों की भी रक्षा की थी।
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