By योगेंद्र योगी | Feb 13, 2025
बहुत बे-आबरू हो कर तिरे कूचे से हम निकले...गालिब के इस शेर से उन डिपोर्ट किए गए भारतीयों का दर्द समझा जा सकता है, जिन्हें अमरीका से भारत वापस भेजा गया है। अमेरिका से निर्वासित किए गए 100 से ज्यादा भारतीय प्रवासियों को लेकर अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 ग्लोबमास्टर से वापस भारत भेजा गया है। इनमें 104 भारतीय शामिल हैं। जिसमें 72 पुरुष, 19 महिलाएं और 13 बच्चे हैं। अमरीका में करीब 18 हजार प्रवासी भारतीय अवैध रूप से रह रहे हैं। इन्हें भी वापस भारत भेजा जाएगा। डंकी मार कर अमरीका तक पहुंचे प्रवासी भारतीयों का काफी कुछ लुट गया। इनके लाखों रुपए बर्बाद हो गए और अमरीका बसने के सपने भी टूट गए।
आंकड़े बताते हैं कि डंकी रूट से भारत से अमेरिका जाने वालों की संख्या काफी है। विदेश जाकर बहुत सारा धन कमाने का सपना देखने वाले हजारों लोग हर साल डंकी रूट से अमेरिका जाने का जोखिम उठाते हैं। डंकी रूट एक ऐसा जोखिम है जिसमें हर कदम पर परेशानी ही परेशानी है और कई बार मौत का भी सामना करना पड़ता है। अमेरिकी सीमा पार करने के लिए लोगों को कई महीनों तक लंबी यात्रा करनी पड़ती है। मानव तस्कर इस रूट में संचालक की भूमिका में होते हैं, जो अवैध रूप से देशों की सीमाएं लांघने में मदद के बदले लोगों से अच्छी खासी रकम लेते हैं। कई बार यह रकम 50 से 85 लाख रुपये तक होती है। अमेरिका में डॉलर में धन कमाकर भारत पैसा भेजने वाले लोगों के घर अलग से पहचाने जाते हैं। कई परिवारों के लिए उनके किसी सदस्य का अमेरिका में होना स्टेटस माना जाता है। वहीं, भारत में 2018 से लगातार बेरोजगारी दर गिरने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की समस्या युवाओं के पलायन का कारण मानी जाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर भारत के पंजाब, हरियाणा और गुजरात के लोग बेहतर वेतन वाली नौकरियों की तलाश में अवैध रूप से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों की ओर पलायन कर रहे हैं। पिछले साल रिकॉर्ड 96,917 भारतीयों को अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया या निष्कासित किया गया था, जबकि 2021 में यह संख्या 30,662 थी।
डंकी रूट का मतलब ऐसे रास्ते हैं जो अवैध रूप से लोगों को एक देश से दूसरे देश ले जाता है। सीमा नियंत्रण से बचने के लिए यह एक लंबी और चक्करदार यात्रा होती है। पंजाब में डंकी रूट एक दशक से भी ज्यादा समय से एक खुला रहस्य रहा है। यह शब्द पंजाबी शब्द डुंकी से आया है, जिसका अर्थ है एक जगह से दूसरी जगह कूदना। दिसंबर 2023 में डंकी प्रेक्टिस तब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आई थी जब फ्रांस ने मानव तस्करी के संदेह में दुबई से निकारागुआ जा रहे 303 भारतीय यात्रियों वाले एक चार्टर विमान को रोक दिया था। इनमें से अधिकांश को वापस भारत भेज दिया गया था। अमरीका और युरोपीय देशों की चकाचौंध भरी जिन्दगी की जीने की चाह में हर साल सैकड़ों लोग कालकलवित हो जाते हैं।
शरणार्थियों और प्रवासियों को अफ्रीका महाद्वीप से गुजरते समय समुद्र और जमीन पर चरम प्रकार की हिंसा, शोषण और मौत का सामना करना पड़ता है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (यूएनएचसीआर), अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) और मिश्रित प्रवासन केंद्र (एमएमसी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के पहले पांच महीनों में कैनरी द्वीप समूह के लिए अटलांटिक मार्ग पर 5,000 लोग मारे गए। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 700 प्रतिशत की वृद्धि है। अनुमान है कि सहारा रेगिस्तान को भूमध्य सागर से ज़्यादा लोग पार करते हैं और रेगिस्तान में शरणार्थियों और प्रवासियों की मौतें समुद्र में होने वाली मौतों से दोगुनी होने का अनुमान है।
मध्य भूमध्यसागरीय प्रवास मार्ग दुनिया में सबसे खतरनाक मार्गों में से एक बना हुआ है। लोग बहुत खतरनाक यात्राओं पर जाने का जोखिम उठाते हैं। प्रवास मार्ग पर अपनाने के लिए मजबूर होने वाले प्रमुख कारकों में मूल देशों और मेजबान देशों में बिगड़ती स्थिति शामिल है। जैसे कि साहेल और सूडान में नए संघर्ष- पूर्व और अफ्रीका के हॉर्न में नई और दीर्घकालिक आपात स्थितियों पर जलवायु परिवर्तन और आपदाओं का विनाशकारी प्रभाव, साथ ही शरणार्थियों और प्रवासियों के प्रति नस्लवाद और ज़ेनोफोबिया। इस तरह की स्थितियां तब तक बनी रहेंगी जब तक विश्व में शांति और समानता स्थापित नहीं होगी, लोगों को शर्मनाक तरीकों से न सिर्फ अपने मूल देशों में डिपोर्ट का बल्कि मौत का सामना भी करना पड़ेगा।
- योगेन्द्र योगी