By अनन्या मिश्रा | Jun 23, 2026
हर साल सर्दियों के मौसम की शुरूआत में बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद हो जाते हैं। क्योंकि इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी होती है और मौसम बेहद सर्द हो जाता है। कपाट बंद होने की डेट हर साल दशहरा के बाद घोषित की जाती है। यह एक अहम धार्मिक घटना होती है। जब मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भगवान बद्री विशाल की पूजा की जाती है। ऐसे में अब आपने मन में यह सवाल होगा कि बद्रीनाथ के कपाट बंद हो जाते हैं, तो बद्री विशाल की पूजा कहां होती है।
बता दें कि जब बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाते हैं, तो भगवान बद्री विशाल की पूजा की व्यवस्था को उनके शीतकालीन गद्दी स्थल पर स्थानांतरित कर दी जाती है। सर्दियों में बद्री विशाल की पूजा जोशीमठ स्थित श्री नरसिंह मंदिर में की जाती है। इस दौरान बद्रीनाथ मंदिर से भगवान के प्रतिनिधि के तौर पर कुबेर जी और उद्धव जी की डोली भी जोशीमठ लाई जाती है।
सदियों पुरानी इस परंपरा का पालन करते हुए मुख्य पुजारी और अन्य लोग एक विशेष धार्मिक यात्रा के तहत भगवान की गद्दी को जोशीमठ लेकर जाते हैं। वहीं इस दौरान श्रद्धालु श्री नरसिंह मंदिर में बद्री विशाल की पूजा और दर्शन कर सकते हैं।