Operation Sindoor की पहली वर्षगाँठ पर Indian Armed Forces ने कही बड़ी बात, ''लंबे युद्ध की बजाय कम समय में लक्ष्य हासिल किये''

By नीरज कुमार दुबे | May 07, 2026

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस वार्ता में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि इस अभियान ने साबित कर दिया है कि आत्मनिर्भरता केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश की सैन्य शक्ति को कई गुना बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि आज भारत के रक्षा उपकरणों का पैंसठ प्रतिशत से अधिक हिस्सा देश में ही तैयार किया जा रहा है और यही आत्मनिर्भर क्षमता इस अभियान की सफलता का मजबूत आधार बनी।

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लेफ्टिनेंट जनरल घई ने अभियान की रणनीति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने बेहद संतुलित और नियंत्रित सैन्य दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई हिस्सों में लंबे समय तक चल रहे युद्धों और संघर्षों के विपरीत भारत ने सीमित लेकिन प्रभावी सैन्य कार्रवाई की। भारतीय सेना ने तेजी और सटीकता के साथ अपने निर्धारित लक्ष्य हासिल किए और उसके बाद तब संघर्ष विराम का निर्णय लिया गया जब पाकिस्तान बातचीत के लिए मजबूर हुआ और उसने कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि इस अभियान में भारतीय सेना ने ऐसा तीखा और नियंत्रित प्रहार किया जिससे दुश्मन की रणनीतिक क्षमता और जोखिम उठाने की मानसिकता पर गहरा असर पड़ा। साथ ही उसकी कमान और नियंत्रण व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि भारत किसी लंबे युद्ध में फंसे बिना अपने उद्देश्य प्राप्त करने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में जारी संघर्षों के दुष्परिणाम सामने हैं और भारत ने उनसे सीख लेते हुए सीमित अवधि में निर्णायक कार्रवाई की नीति अपनाई।

प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि विभिन्न एजेंसियों और विभागों के बीच अभूतपूर्व समन्वय का उदाहरण भी था। खुफिया एजेंसियों ने सटीक सूचनाएं उपलब्ध कराईं जिनकी मदद से लक्ष्य तय किए गए। साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध इकाइयों ने सूचना क्षेत्र में भारत की बढ़त बनाए रखी। इसके अलावा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक माहौल को संभालने के साथ देश के भीतर सुरक्षा और जनता के विश्वास को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इस पूरे अभियान को अत्यंत सटीकता और संयम के साथ अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान अनावश्यक नुकसान को न्यूनतम रखा गया। उन्होंने कहा कि सेना, खुफिया एजेंसियों, साइबर इकाइयों और सरकार के विभिन्न विभागों के बीच जो समन्वय देखने को मिला, वह भविष्य के अभियानों के लिए आदर्श मॉडल साबित होगा।

देखा जाये तो ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में सक्षम है और अब देश अपनी सुरक्षा के प्रश्न पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने वाला नहीं है। साथ ही आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, खुफिया समन्वय और नियंत्रित सैन्य रणनीति के मेल ने यह भी दिखाया कि भारत भविष्य की चुनौतियों के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार है।

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