विभिन्न धर्मों, संप्रदायों का सद्भावनापूर्ण सह-अस्तित्व देश की खूबसूरती: प्रधानमंत्री

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 06, 2019

अजमेर (राजस्थान)। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 807वें उर्स के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि "भारत में विभिन्न धर्मों, सम्प्रदायों, मान्यताओं और आस्थाओं का सद्भावपूर्ण सह-अस्तित्व ही देश की खूबसूरती है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 807वें उर्स के अवसर चादर पेश कर प्रधानमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया। नयी दिल्ली में शनिवार को अजमेर शरीफ दरगाह और अजमेर शरीफ दरगाह कमेटी के खादिमों के मुखियाओं के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को चादर सौंपी गई थी। 

इसे भी पढ़ें: अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने के बाद नकवी बोले, देश सुरक्षित हाथों में

नकवी ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज का जीवन सामाजिक सौहार्द तथा एकता की ताकत को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है जिससे कि हम टकराव-बिखराव पैदा करने वाली ताकतों को परास्त कर सकें। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का संदेश "विश्व शांति का प्रभावी संकल्प" है। उन्होंने कहा कि भारत के आध्यात्मिक संतों-सूफियों की संस्कृति और संस्कार; दहशतगर्दी और आतंकवाद को परास्त करने तथा इंसानियत और अमन की गारंटी हैं। नकवी ने कहा कि इस्लाम को "सुरक्षा कवच" बनाकर "आतंकवाद का तांडव" करने वाले संगठन और लोग इस्लाम के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि भारत पूरी दुनिया के लिए सामाजिक-सांस्कृतिक सौहार्द और एकता की मिसाल है। हमें हर हाल में सौहार्द और एकता की अपनी इस सामाजिक बुनियाद की सांझी विरासत को और मजबूत करना होगा।।नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का मूल मंत्र और संकल्प है "देश में विकास-देशवासियों में विश्वास"। हमारा लक्ष्य है "सबका साथ, सबका विकास।" 

प्रमुख खबरें

Venezuela Earthquakes | 32 की मौत- 700 से ज्यादा घायल, पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक, बोले- संकट में हर संभव मदद को तैयार है भारत

Prabhasakshi NewsRoom: Indira Gandhi ने क्यों लगाई थी Emergency? Congress ने क्यों आधी रात को छीन लिये थे नागरिकों के सारे अधिकार?

Pune Murder Mystery | परफेक्ट मर्डर के लिए 238 घंटे की सीक्रेट प्लानिंग! आरोपी चेतन ने पुलिस को चकमा देने के लिए नौकर के फोन से बुना था जाल

Emergency In India 1975 | आपातकाल वह काला दौर था, जिसमें भारतीय लोकतंत्र को निर्ममता से कुचल दिया गया था : PM मोदी