छोटे से राजनीतिक कार्यकाल में निर्मला सीतारमण ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 07, 2019

नयी दिल्ली। देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपेक्षाकृत अपने छोटे राजनीतिक कार्यकाल में ऐसी मंजिलें हासिल की हैं जहां पहुंचने में अनेक दिग्गज राजनीतिज्ञों को लंबा जीवन खपाना पड़ता है। थोड़े समय में भारत जैसे देश के लिए रक्षा (शक्ति) और वित्त (ऐश्वर्य) के प्रबंध की जिम्मेदारी मिलना किसी भी व्यक्ति के लिये बड़ी उपलब्धि है। सीतारमण से पहले 1970-71 में प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाली थी। लअपने पहले बजट में नई सोच और साहस का परिचय देते हुए सीतारमण ने पहली बार भारत सरकार के ट्रेजरी बांड को विदेशों में बेचकर धन जुटाने की घोषणा की है। उन्होंने शालीनता का परिचय देते हुए परंपरा से हटकर चमड़े के बैग के बजाए लाल रंग के कपड़े से बने बस्ते में ही बजट दस्तावेज लाना बेहतर समझा। उन्होंने इस बारे में कहा, ‘‘यह अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा है। इसके बजाए हमें भारतीय तौर-तरीकों को अपनाना चाहिए। भारतीय परंपरा में बही-खातों की भी पूजा की जाती है।’’ मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में बतौर उनके रक्षा मंत्री रहते पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर जवाबी हमले हों या रक्षा उपकरणों की खरीद, सीतारमण ने राजनीति में महिला सशक्तिकरण की नयी परिभाषा गढ़ी और मोदी सरकार के ओजस्वी, कार्यकुशल और साहसी केंद्रीय मंत्रियों में अपनी जगह बनाई है। 

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बजट बाद एक साक्षात्कार में सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं हूं तो नियमों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा... राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) कानून है और मुझे उसका अनुपालन करना ही है। बजट में राजकोषीय घाटे को 3.3 प्रतिशत पर सीमित रखने का लक्ष्य है।’’ वित्त मंत्री ने उद्योगों की मांग और अनुमानों के विपरीत सोने पर शुल्क 10 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया। उन्होंने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले के उत्पाद एवं सेवा कर से जुड़े मुकदमों में फंसे करीब 4 लाख करोड़ रुपये के कर की वसूली के लिये विरासती विवाद समाधान योजना पेश की है। इसके अलावा एक तरफ धनाढ्यों पर कर बढ़ाकर तथा दूसरी तरफ व्यापारियों एवं कृषकों के लिये कल्याणकारी योजनाओं पर व्यय में वृद्धि कर गांव, गरीब एवं किसान की मोदी सरकार की छवि को और निखारा है। उन्हें तीन सितंबर 2017 को नरेंद्र मोदी की सरकार में रक्षा मंत्री बनाया गया था। इससे पहले 2014 में उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाला था। यह प्रभार संभालने से पहले वह सुषमा स्वराज के बाद पार्टी की दूसरी महिला प्रवक्ता रहीं। कर्नाटक से राज्यसभा की सदस्य सीतारमण 2008 में भाजपा में शामिल हुई थीं और उन्हें 2014 में नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में कनिष्ठ मंत्री के तौर पर जगह दी गई। इसके अलावा वह 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं। 

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