यूपी की अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख... सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को बताया 'गेम चेंजर'

By रेनू तिवारी | Feb 08, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और अमेरिका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पुरजोर स्वागत किया है। शनिवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व" का प्रतिफल बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित टैरिफ (शुल्क) रूपरेखा से उत्तर प्रदेश की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रूपरेखा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व” का परिणाम है और किसानों के हितों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा करते हुए भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करेगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देने के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने इस समझौते को आगे बढ़ाने में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत जारी संयुक्त बयान ने उत्तर प्रदेश की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का प्रभाव केवल व्यापारिक आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कपड़ा उद्योग, लेदर, कृषि-आधारित उद्योग, एमएसएमई और औद्योगिक विनिर्माण जैसे उन क्षेत्रों पर भी पड़ेगा, जिनमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर हस्तनिर्मित कालीनों के लिए प्रख्यात भदोही-मिर्जापुर कालीन निर्माण क्षेत्र लंबे समय से ऊंचे आयात शुल्क के कारण अमेरिकी बाजार में मूल्य प्रतिस्पर्धा की चुनौती झेल रहा था। शुल्क में कटौती के बाद इन उत्पादों की लागत संरचना में सुधार की संभावना है, जिससे निर्यात ऑर्डर और दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंधों को बढ़ावा मिल सकता है।’’

उन्होंने कहा कि इसी तरह वाराणसी का रेशम और हैंडलूम क्षेत्र अमेरिकी बाजार में सीमित लेकिन स्थिर मांग के बीच बेहतर पहुंच हासिल कर सकता है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में हैंडलूम क्षेत्र को शून्य शुल्क का लाभ मिलने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवार और विभिन्न कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि शुल्क घटने से निर्यात श्रृंखला में उनकी सीधी भागीदारी बढ़ सकती है, जिससे मूल्यवर्धन का बड़ा हिस्सा स्थानीय स्तर पर ही बना रहेगा।

बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संयुक्त बयान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कृषि, डेयरी, अनाज, मोटा अनाज, मसाले, पोल्ट्री जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे कृषि-प्रधान राज्य के लिए यह प्रावधान विशेष महत्व रखता है, जहां बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेती, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन पर निर्भर है।

News Source- Press Trust OF India 

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