By रेनू तिवारी | Jan 14, 2026
बिहू असम का सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और राजकीय त्योहार है। यह मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान उत्सव है जिसे असम के सभी लोग, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति के हों, मिलकर मनाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को असम के लोगों को माघ बिहू के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह खुशी, स्नेह और भाईचारे का अवसर है जो असमिया संस्कृति की सर्वोत्तम विशेषताओं को दर्शाता है।
मोदी ने असमिया और अंग्रेजी में लिखे एक पत्र में यह भी कहा कि माघ बिहू का सार संतोष और कृतज्ञता में समाहित है। उन्होंने पत्र में कहा, ‘‘ माघ बिहू के शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं। असमिया संस्कृति के सर्वश्रेष्ठ स्वरूप को समेटे हुए, यह सुंदर त्योहार वास्तव में आनंद, स्नेह और भाईचारे का अवसर है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि माघ बिहू फसल कटाई के मौसम के समापन का प्रतीक है और यह उन लोगों के प्रयासों की सराहना करने का अवसर प्रदान करता है जो लोगों के जीवन को समृद्ध बनाते हैं, विशेषकर मेहनती किसान। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे बीच उदारता और देखभाल की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। यह माघ बिहू सभी के जीवन में शांति, अच्छा स्वास्थ्य और खुशियां लाए। मेरी कामना है कि आने वाला वर्ष समृद्धि और सफलता से भरा हो।
गमोसा (Gamosa): यह असमिया संस्कृति का प्रतीक एक हाथ से बुना हुआ लाल और सफेद कपड़ा है, जिसे बिहू पर उपहार के रूप में दिया जाता है।
बिहू नृत्य: यह एक ऊर्जावान नृत्य है जिसमें तेज़ कदमों और हाथों के संचालन का उपयोग होता है।
पारंपरिक खेल: माघ बिहू के दौरान 'भैंसों की लड़ाई' और 'मुर्गों की लड़ाई' जैसे खेल गाँवों में आयोजित होते हैं।
आज की अपडेट: आज 14 जनवरी 2026 को असम में 'उरुका' मनाया जा रहा है, जहाँ लोग रात भर जागकर सामुदायिक भोज और मस्ती करेंगे।