मध्य प्रदेश में राज्य मंत्रालय ने लॉकडाउन के 38 दिन बाद काम शुरू किया, सीएम ओएसडी सहित कई आदेश किए गए जारी

By दिनेश शुक्ल | Apr 30, 2020

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज राज्य मंत्रालय सहित कई शासकीय कार्यालय खोले गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को कार्यालयों में काम शुरू करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। लॉकडाउन के मद्देनजर 22 मार्च, 2020 को सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए थे कि 23 मार्च 2020 से वर्क फ्रॉम होम होगा। वे अधिकारी-कर्मचारी ही मंत्रालय आएंगे, जिन्हें कोरोना अभियान के मद्देनजर ड्यूटी में लगाया गया है। लेकिन अब कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए 38 दिन पहले 23 मार्च को लागू किया गया वर्क फ्रॉम होम मध्य प्रदेश में अवर सचिव स्तर से ऊपर के अधिकारियों के लिए नहीं रहेगा। राज्य मंत्रालय (वल्लभ भवन), विंध्याचल और सतपुड़ा संचालनालय के साथ सभी राज्य स्तरीय कार्यालय गुरुवार को खोले गए। इस दौरान कई शासकीय कार्य जो कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के दौरान लंबित थे उन्हें पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान कई आर्डर भी मंत्रालय से निकाले गए। जिसमें विशेष रूप से गुरूवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मीडिया प्रबंधन देखने वाले सत्येन्द्र खरे को सीएम ओएसडी के रूप में नियुक्ति के आदेश जारी हुए है।  

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राज्य शासन के निर्देशानुसार फिलहाल अवर सचिव और इससे नीचे के 30 प्रतिशत कर्मचारी ही बुलाए जाएंगे। इसके लिए रोस्टर विभागीय सचिव तय करेंगे। बाकी 70 फीसद कर्मचारी घर से ही कार्य संपादित करेंगे। वही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो दिशा-निर्देश दिए हैं, उसके अनुसार 30 अप्रैल से मंत्रालय और राज्य स्तरीय विभागाध्यक्ष कार्यालयों में कामकाज शुरू किया जाएगा। बाहरी व्यक्तियों के कार्यालयों में आने पर प्रतिबंध फिलहाल बरकरार रहेगा। जबकि संक्रमित क्षेत्रों से किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को आने-जाने की इजाजत नहीं होगी और न ही ऐसे लोगों को कार्यालय बुलाया जाएगा। वही जिला कार्यालयों में पहले की तरह ही व्यवस्था रहेगी। हालंकि जिला आपदा प्रबंधन समूह स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने पर निर्णय ले सकते हैं।

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इस दौरान उपसचिव, अतिरिक्त या अपर संचालक या उनसे उच्च स्तर के सभी अधिकारियों को कार्यालय आना अनिवार्य होगा। साथ ही अवर सचिव और उससे निचले स्तर के 30 प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाया जाएगा। इन 30 प्रतिशत का निर्धारण विभागीय सचिव रोस्टर बनाकर करेंगे जबकि 70 प्रतिशत कर्मचारी घर पर रहकर ही कार्य संपादित करेंगे। लॉकडाउन अवधि में इन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। घर से काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को टेलीफोन, मोबाइल और ई-मेल पर उपलब्ध रहना होगा। कर्मचारीयों के लिए सुरक्षात्मक निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि घर से कार्यालय आने और कार्यालय में मौजूद रहने के दौरान पूरे समय मास्क लगाकर रखना होगा। शारीरिक दूरी और सैनिटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य रहेगा। प्रत्येक कार्यालय को नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाएगा और हर कक्ष में सैनिटाइजर सहित अन्य सामग्री जरूरत के हिसाब से सामान्य प्रशासन विभाग की अधीक्षण शाखा को उपलब्ध करानी होगी।

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