अब मंदिरों में बदला-बदला होगा दर्शन का तरीका, सैनिटाइजर के प्रयोग को लेकर पुजारियों का विरोध

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 06, 2020

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बृहस्पतिवार को जारी गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कंटेनमेंट जोन में मौजूद धार्मिक स्थल जनता के लिए बंद रहेंगे, लेकिन कंटेनमेंट जोन से बाहर स्थित धार्मिक स्थल खोले जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी होती है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे परिसरों में भौतिक दूरी के नियम तथा अन्य एहतियाती उपायों का पालन किया जाए। सरकार द्वारा दिए गए छूट के बाद देशभर के विभिन्न मंदिरों को खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली का झंडेवाला मंदिर हो या फिर माता वैष्णो देवी का धाम, दक्षिण का बालाजी मंदिर हो या फिर सबरीमाला मंदिर सभी को खोलने की तैयारी शुरू की जा चुकी है। मंदिरों को अच्छे तरीके से सैनिटाइज किया जा रहा है। मंदिरों में जगह-जगह दर्शन के लिए आए लोगों के लिए सूचनाएं लिखे जा रहे हैं। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखें इसके लिए निशान लगाए जा रहे है।

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मंदिर में प्रवेश के लिए पालन करने होंगे कुछ नियम

मंदिरों में प्रवेश पाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए कुछ नियम भी बनाए गए है। हर श्रद्धालु को इसका खास ख्याल रखना होगा। सबसे पहले तो थर्मल चेकिंग के बाद ही आपको मंदिर में प्रवेश मिलेगा।  साथ ही साथ आपको सैनेटाइज भी किया जाएगा। आपको अपने साथ सैनिटाइजर रखना होगा ताकि जरूरत पड़ने पर आप उसका इस्तेमाल कर सकें। मंदिर में किसी भी प्रकार का प्रसाद चढ़ाने पर मनाही होगी। श्रद्धालु प्रसाद लेकर ना आए। मंदिरों में 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से ज्यादा उम्र के श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिलेगा। मंदिरों में घंटी बजाने की भी इजाजत आपको नहीं दी जाएगी। पुजारी आपके माथे पर नाही गंगाजल का छिड़काव करेगा और ना ही तिलक लगाएगा। पहले तुलना में मंदिरों में काफी कुछ बदल जाएगा। प्रवेश को लेकर यह नियम दिल्ली के झंडे वाला मंदिर के है। मौजूदा परिस्थिति में लगभग देश के तमाम मंदिर ऐसे ही कुछ नियम कायदे श्रद्धालुओं से पालन करवा सकते हैं। आपको दूरी का पालन करना होगा और मास्क पहनना होगा।

सैनिटाइजर का विरोध

जहां एक ओर 8 जून से धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी है वहीं इसके साथ-साथ एक विवाद भी शुरू हो गया है। सरकार ने गाइडलाइंस में लिखा है कि मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के लिए सैनिटाइजर मशीन लगी हो। साथ ही साथ उनके हाथ सैनिटाइज होने के बाद ही प्रवेश दिया जाए। इसको लेकर अब कुछ पुजारी विरोध करने लगे हैं। पुजारियों का कहना है कि सैनिटाइजर में अल्कोहल होता है। भोपाल के मां वैष्णो धाम नव दुर्गा मंदिर के पुजारी ने कहा कि शासन का कार्य है गाइडलाइन जारी करना लेकिन मैं मंदिरों में सैनिटाइजर का विरोध करता हूं। पुजारी तर्क दे रहे हैं अगर हम शराब पीकर प्रवेश पाने वाले लोगों को मंदिर में आने की इजाजत नहीं देते तो अल्कोहल से हाथ सैनिटाइज करने वाले कैसे घुस सकते हैं। उन्होंने कहा कि हाथ धोने वाली मशीन को मंदिरों के बाहर लगाइए और वहां पर साबुन रखें। इसको हम स्वीकार करते हैं।

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