By Prabhasakshi News Desk | Jan 15, 2025
इस्लामाबाद । पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने कहा है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की उसके क्षेत्र में मौजूदगी और सीमा पार हमले को लेकर है। सरकारी प्रसारक ‘पीटीवी न्यूज’ के हवाले से ‘डॉन’ अखबार ने बताया कि सेना प्रमुख ने सोमवार को पेशावर में खैबर पख्तूनख्वा के नेताओं के साथ बैठक के दौरान यह बात कही। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर लगातार झड़पों के कारण रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं।
‘डॉन’ की खबर के अनुसार, नेताओं के साथ बातचीत में इस मुद्दे पर सेना प्रमुख ने कहा कि अफगानिस्तान एक ‘‘भाईचारा वाला पड़ोसी (और) इस्लामी देश’’ है, जिसके साथ पाकिस्तान ‘‘हमेशा’’ बेहतर संबंध चाहता है। सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान के साथ एकमात्र मतभेद वहां फितना अल-ख्वारिज की मौजूदगी है और सीमा पार से पाकिस्तान में आतंकवाद का प्रसार है।’’
जुलाई में सरकार ने एक आधिकारिक अधिसूचना में टीटीपी को ‘फितना अल ख्वारिज’ (भ्रष्ट तत्व जिन्होंने इस्लाम की छवि को नष्ट कर दिया है) नाम दिया गया, जबकि सभी संस्थाओं को पाकिस्तान पर आतंकवादी हमलों के अपराधियों का उल्लेख करते समय खारिजी (बहिष्कृत) शब्द का इस्तेमाल करने का आदेश दिया। जनरल मुनीर ने कहा कि यदि सभी लोग मिलकर काम करें और सहयोग करें तो स्थिति सुधर जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) पर सभी पक्षों की सहमति उत्साहजनक है, लेकिन इस पर तेजी से काम करना होगा। एनएपी 20-सूत्रीय योजना है जिसे सरकार ने 2014 में आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए बनाया था। इस योजना को हितधारकों और संघीय मंत्रालयों के सहयोग से तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सैन्य अधिकारियों से पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा समस्याओं के समाधान के लिए अफगानिस्तान के साथ बातचीत करने को कहा है।