By अनन्या मिश्रा | Mar 04, 2025
डिस्फेजिया क्या है
कितने प्रकार के होते हैं डिस्फेजिया
ऑरोफरीन्जियल डिस्फेजिया
यह अक्सर गले को प्रभावित करने वाली मसल्स या न्यूरोलॉजिकल से जुड़ी समस्या हो सकती है। यह समस्या तब होती है, जब व्यक्ति द्वारा कुछ भी खाने या पीने पर खाना गले की नली से नीचे नहीं आ पाता है।
एसोफेजियल डिस्फेजिया
एसोफेजियल डिस्फेजिया की समस्या होने पर खाना निगलने के बाद चिपकने या ग्रासनली में फंसने जैसा एहसास होता है। इसोफेगस से जुड़ी किसी भी परेशानी की वजह से यह समस्या हो सकती है।
डिस्फेजिया के लक्षण
खाने पर गले या सीने में खाना अटकने जैसा महसूस होना।
खाने के दौरान खांसी आना या फिर खाना अटकने जैसा महसूस होना।
रेस्पिरेटरी इंफेक्शन होना
सलाइवा को निगलने में भी परेशानी होना
कुछ भी खाने या पीने पर बाहर उगल देना
डिस्फेजिया होने की वजह
न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर
न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसे स्ट्रोक या ब्रेन में चोट लगने पर डिस्फेजिया हो सकता है। इन समस्याओं के होने पर गले से जुड़ी मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा पार्किसन रोग या किसी भी तरह के न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होने पर भी डिस्फेजिया हो सकता है।
मसल्स से जुड़ी समस्याएं
स्क्लेरोडर्मा या फिर मायस्थेनिया ग्रेविस की वजह से भी डिस्फेजिया की समस्या हो सकती हैं। इसकी वजह से मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती हैं, जोकि खाना निगलने वाली मांसपेशियों से भी जुड़ी होती है। स्क्लेरोडर्मा में इसोफेगस के टिशूज हार्ड होने लगते हैं और सूजन आने लगती है। इसकी वजह से भी डिस्फेजिया का खतरा हो सकता है।
इसोफेगस से जुड़ी समस्या
बता दें कि इसोफेगस में इंफ्लेमेशन होने पर व्यक्ति को कुछ भी खाने में समस्या हो सकती हैं। वहीं इसोफेगस कैंसर या गले से जुड़े संक्रमण में भी डिस्फेजिया का खतरा हो सकता है।