By अनन्या मिश्रा | Jun 26, 2026
आजकल बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ते खानपान की वजह से लोगों में स्किन संबंधी समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। बहुत से लोगों की त्वचा काली पड़ जाती है और कई लोगों को सनबर्न जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। त्वचा में होने वाली समस्याओं में हाइपरपिग्मेंटेशन का नाम शामिल है। हाइपरपिग्मेंटेशन से पीड़ित लोगों की त्वचा पर काले धब्बे पड़ जाते हैं, इससे उनका आत्मविश्वास भी कमजोर हो सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हल्दी त्वचा से लेकर शरीर की तमाम समस्याओं से छुटकारा दिला सकती है। हल्की त्वचा में मेलेनिन के प्रोडक्शन को रोकती है। जोकि काले धब्बों के लिए जिम्मेदार होता है। वहीं शहद में एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। वहीं इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। यह त्वचा को साफ और चमकदार बनाता है। इस मास्क को बनाने के लिए हल्दी और शहद को मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इसको फेस पर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर चेहरा धो लें।
एलोवेरा जेल स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह स्किन संबंधी कई समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हाइपरपिग्मेंटेशन को भी यह ट्रीट करने में मददगार होता है। एलोवेरा में एलोइन होता है, जोकि एक नेचुरल डीपिगमेंटिंग एजेंट होता है।
स्किन पर होने वाली हाइपरपिग्मेंटेशन के इलाज के लिए ग्रीन टी भी फायदेमंद होता है। ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह स्किन को हल्का करते हैं और हाइपरपिग्मेंटेशन के निशानों को भी कंट्रोल करता है। काले धब्बों पर ग्रीन टी बैग लगाने से स्किन का कलर लाइट होता है।
दूध में लैक्टिक एसिड पाया जाता है। इसके कई फायदे होते हैं और लैक्टिक एसिड त्वचा डिसकलरेशन में भी मददगार होता है। हाइपरपिग्मेंटेशन के लिए दूध और छाछ एक शानदार उपाय है।
चावल का पानी भी हाइपरपिग्मेंटेशन को कम कर सकता है। चावल का पानी त्वचा के कलर को लाइट करता है और उसको ग्लोइंग बनाता है।
लाल मसूर दाल में एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। जोकि स्किन के लिए फायदेमंद होती है। मसूर दाल का फेस मास्क हाइपरपिग्मेंटेशन के इलाज के लिए फायदेमंद है। इसको लोग खूब पसंद करते हैं।