By अनन्या मिश्रा | Jun 27, 2026
आजकल की बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के बीच थायराइड की बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। पहले इसको बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था। लेकिन अब युवा और किशोर भी इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं महिलाओं के अलावा युवा वर्ग की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन अगर समय रहते इसकी जांच या इलाज न कराया जाए, तो यह बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। थायराइड गले के सामने मौजूद एक छोटी ग्रंथि होती है, जोकि शरीर में हार्मोन बनाने का काम करती है।
अचानक वजन बढ़ना या घटना
हाथ कांपना
लगातार थकान रहना
चिड़चिड़ापन
नींद कम आना
बाल झड़ना
गले में सूजन
दिल की धड़कन तेज होना
इसके अलावा महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी गड़बड़ी और गर्भधारण करने में परेशानी भी थायराइड की वजह हो सकती है। वहीं बच्चों और युवाओं में यह बीमारी, मानसिक एकाग्रता, पढ़ाई और शारीरिक विकास में बाधा डाल सकती है।
एक्सपर्ट की मानें, तो शुरूआत में कई लोग इसको सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन लंबे समय तक इन लक्षणों को अनदेखा करने से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मानसिक तनाव, मोटापा और कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं की वजह बन सकती है। वहीं नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। थायराइड के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद नहीं करना चाहिए।
आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें।
पौष्टिक और संतुलित डाइट लें।
नियमित योग और व्यायाम करें।
तनाव से दूर रहें।
पर्याप्त नींद लें और अपनी दिनचर्या को नियमित करें।
सेहत और वजन की समय-समय पर जांच करवाते रहें।
लगातार थकान रहने या अन्य लक्षण दिखने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।