सावधान! इन गलत आदतों से बढ़ सकता है माइग्रेन का दर्द, आज ही छोड़ दें

By प्रिया मिश्रा | May 25, 2022

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें मुख्य तौर पर सिर के आधे भाग में तीव्र दर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। यह दर्द तब होता है जब मस्तिष्क की ट्राइजेमिनल नसें उत्तेजित होती हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, यह दर्द तब भी होता है जब सेरोटोनिन नाम के केमिकल का संतुलन बिगड़ जाता है। शारीरिक गतिविधि, रोशनी, आवाज़ या बदबू से माइग्रेन होने की संभावना बढ़ जाती है। यह कुछ घंटे या कुछ दिनों तक रह सकता है। माइग्रेन में लक्षणों में अक्सर मतली, उल्टी, बोलने में कठिनाई, स्तब्ध हो जाना या झुनझुनी, और प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता शामिल हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों के कारण भी माइग्रेन का बढ़ सकता है। ऐसे में कुछ आदतों को छोड़ कर इस बीमारी से बचा जा सकता है -

आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोगों में तनाव का स्तर अधिक बढ़ गया है। आजकल बड़े ही नहीं, बच्चे भी तनाव की समस्या से ग्रस्त हैं। लेकिन तनाव या चिंता से माइग्रेन की समस्या अधिक बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए आप तनाव पैदा करने वाली चीज़ों से दूर रहने या उन्हें ठीक करने की कोशिश करें। 

नींद पूरी न होना 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सेहतमंद रहने के लिए एक दिन में कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लेना जरुरी है। नींद पूरी ना होने के कारण माइग्रेन की समस्या बढ़ सकरी है। इसलिए दिन में सोने से बचें और कोशिश करें कि आप रात में पूरी नींद लें।

चीनी का अधिक सेवन 

ज़्यादा शुगर वाले फूड्स से भी माइग्रेन के दर्द का खतरा बढ़ सकता है। मिठाई, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक, बेकरी प्रोडक्ट्स आदि ऐसे फ़ूड प्रोडक्ट्स जिनमें शुगर की मात्रा अधिक होती है, उन्हें अपनी डाइट से दूर रखें। 

खाली पेट रहना 

अगर आप ज्यादा देर तक खाना नहीं खाते हैं तो एसिडिटी की समस्या होने लगती है। पेट में गैस से भी माइग्रेन का दर्द बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए ज़्यादा देर खाली पेट ना रहें और नियमित अंतराल पर भोजन लेते रहें।

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ज्यादा कैफीन 

अगर आपको कॉफी पीने की आदत है तो इसे अचानक बंद न करें। एक अध्ययन में पाया गया कि माइग्रेन पीड़ितों की समस्या तब और बढ़ गई जब उन्होंने अचानक कैफीन का सेवन बंद कर दिया। ज्यादा कैफीन भी माइग्रेन के मरीजों के लिए अच्छा नहीं होता है। इसलिए कॉफी का सेवन कम मात्रा में करें।

बदलते मौसम में लापरवाही 

चिलचिलाती धूप हो या कड़ाके की ठंड, दोनों ही माइग्रेन के लिए हानिकारक हैं। इसलिए आपको ऐसे मौसम में थोड़ा सावधान रहना होगा। ऐसे मौसम में व्यायाम और सही खानपान से माइग्रेन को दूर रखा जा सकता है।

- प्रिया मिश्रा 

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