गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे किसान, योगेंद्र यादव बोले- परेड में नहीं होगा कोई व्यवधान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 18, 2021

नयी दिल्ली। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं किसान यूनियनों ने रविवार को कहा कि वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में अपनी प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड निकालेंगी। यूनियन नेता योगेंद्र यादव ने सिंघू बार्डर स्थित प्रदर्शन स्थल पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में बाहरी रिंग रोड पर एक ट्रैक्टर परेड करेंगे। परेड बहुत शांतिपूर्ण होगी। गणतंत्र दिवस परेड में कोई भी व्यवधान नहीं होगा। किसान अपने ट्रैक्टरों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाएंगे।’’ 

पाल का इशारा एनआईए के उन समन की ओर था जो प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ से जुड़े एक मामले में एक किसान यूनियन नेता को कथित तौर पर जारी किये गए हैं। सरकार और प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के बीच 10वें दौर की वार्ता 19 जनवरी को होनी निर्धारित है। गतिरोध को दूर करने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति भी उसी दिन अपनी पहली बैठक करेगी। केंद्र और 41 किसान यूनियनों के बीच पिछले नौ दौर की औपचारिक वार्ता से दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शनों को समाप्त करने के लिए कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है क्योंकि किसान यूनियन तीनों कानूनों को पूरी तरह से निरस्त करने की अपनी मुख्य मांग पर अड़े हुए हैं। 

इसे भी पढ़ें: किसान प्रदर्शनों संबंधी याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट 

उच्चतम न्यायालय ने गत 11 जनवरी को अगले आदेश तक तीन कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी थी और गतिरोध के समाधान के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। हालांकि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने पिछले सप्ताह खुद को समिति से अलग कर लिया था। शेतकारी संगठन (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष अनिल के अलावा, कृषि अर्थशास्त्रियों अशोक गुलाटी और प्रमोद कुमार जोशी अन्य समिति के अन्य सदस्य हैं। घनवट ने शनिवार को पीटीआई-से कहा, ‘‘हम 19 जनवरी को पूसा परिसर में बैठक कर रहे हैं। आगे के कदम पर निर्णय करने के लिए केवल सदस्य ही बैठक करेंगे।’’

संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा, ‘‘परेड में वाहनों पर झांकियां शामिल होंगी जो ऐतिहासिक क्षेत्रीय और अन्य आंदोलनों प्रदर्शित करने के अलावा विभिन्न राज्यों की कृषि वास्तविकता को दर्शाएंगी।’’ उसने कहा, ‘‘वाहनों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लगा होगा और साथ ही उन पर उस किसान संगठन का झंडा भी होगा, जिससे उक्त सदस्य संबद्ध है। किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ 

इसे भी पढ़ें: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फिर दोहराया, कहा- कृषि कानून से किसानों की आय बढ़ेगी कई गुना 

मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान दिल्ली के विभिन्न बार्डर पर एक महीने से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने इन कानूनों को किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख कृषि सुधारों के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन प्रदर्शनकारी किसान चिंता जता रहे हैं कि ये कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और ‘‘मंडी’’व्यवस्था को कमजोर करेंगे उन्हें बड़े कॉरपोरेट की दया पर छोड़ देंगे। सरकार का कहना है कि ये आशंकाएं गलत हैं। सरकार कानूनों को निरस्त करने से इनकार कर चुकी है।

प्रमुख खबरें

Ethnic Hair Accessories: Festive Season में Ethnic Look को खास बनाएंगी ये 3 ट्रेंडी Hair Accessories

मोदी के जन्मदिन पर ये क्या बोले रूस-इजरायल, मचाया तहलका!

Radha Ashtami 2026: राधा रानी को बेहद प्रिय है अरबी समेत अन्य 5 चीजों का भोग, अर्पित करें ये भोग

2027 Punjab Election से पहले AAP पेश करेगी Report Card, Manish Sisodia ने बताया पूरा Plan