By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 23, 2023
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में यह सफलता इसरो के वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम और पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहर लाल नेहरू तथा इंदिरा गांधी की अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति दूरदर्शिता का परिणाम है। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री गहलोत सहित अन्य गणमान्य लोगों सहित राज्य की जनता ने ‘चन्द्रयान-3’ की सफल सॉफ्ट लैंडिंग के लिए बधाई दी। गहलोत ने एक्स पर पोस्अ किया है, ‘‘नभ स्पृशं दीप्तम् ! आखिरकार इसरो के प्रबुद्ध वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत से वह ऐतिहासिक पल आ गया जिसके लिए पूरा देश प्रार्थना और इंतजार कर रहा था। चन्द्रयान-3 की कामयाबी के लिए टीम के सभी वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘विश्व स्तर पर देश को मिली यह अभूतपूर्व सफलता वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम और नेहरू जी व इंदिरा जी की अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति दूरदर्शिता का परिणाम है।
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने एक्स पर पोस्ट किया है, ‘‘हिंदुस्तान ने रच दिया इतिहास! चांद पर लहराया भारत का परचम!’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस सफलता ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को एक नए आयाम पर पहुंचा दिया है। यह हम भारतीयों के लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है।’’ अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा कि चन्द्रयान-3 की यात्रा से भारत को सम्मान और गौरव का क्षण मिला है और भारतीय होने के नाते वह भी गौरवान्वित व धन्य महसूस कर रहे हैं। जयपुर वैक्स म्यूजियम (जयपुर मोम संग्रहालय) ने पर्यटकों के साथ चन्द्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने का जश्न मनाया।
संग्रहालय के संस्थापक निदेशक अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि इस अद्भुत ऐतिहासिक क्षण का स्पेस शटल के टीवी सेट पर सीधा प्रसारण किया गया। स्पेस सूट पहने बच्चों ने पूरे दिन तिरंगे के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। चन्द्रयान-3 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग को लेकर जयपुर शहर में आम युवाओं में काफी उत्साह है और उन्होंने ढोल बजाकर और पटाखे जलाकर जश्न मनाया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस लैंडर मॉड्यूल की ‘सॉफ्ट लैंडिग’ कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ।