Shyam Baba Puja: 'हारे का सहारा' को ऐसे लगाएं इत्र की अर्जी, जानें Khatu Shyam Temple के 3 अचूक नियम

By अनन्या मिश्रा | Jun 09, 2026

बाबा खाटू श्याम के भक्तों के बीच इत्र अर्पित करने की एक बेहद पावन और गहरी मान्यता है। इत्र को सकारात्मकता, प्रेम और पूर्ण समर्पण का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि अगर सही विधि से बाबा श्याम को 'इत्र की अर्जी' लगाई जाए, तो हारे के सहारे बाबा श्याम अपने भक्तों की मनोकामना फौरन पूरी कर देते हैं। लेकिन क्या आप बाबा खाटू श्याम को इत्र चढ़ाने के सही तरीके के बारे में जानते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।

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जब आप बाबा श्याम के मंदिर में दर्शन के लाइन में लगे हों, तो पुजारी के जरिए तीनों शीशियों को बाबा श्याम के चरणों या विग्रह के पास अर्पित करवाएं। जब सेवादार इत्र अर्पित करे, तो हाथ जोड़कर बाबा के सामने अपनी अर्जी लगाएं। अपने मन में समस्या या फिर मनोकामना को स्पष्ट रूप से कहें। पुजारी जी प्रसाद के रूप में उन तीनों शीशियों में से कोई एक शीशी या थोड़ा सा इत्र आपको वापस कर देंगे। इस इत्र को अपने घर ले जाएं, फिर इस शीशी को तब अर्पित करें, जब आपकी समस्या हल हो जाए, या मनोकामना पूरी हो जाए।

ध्यान रखें ये बातें

बता दें कि बाबा श्याम को खुशबू काफी प्रिय है। लेकिन बाबा को इत्र अर्पित करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिससे आपको पूजा का पूरा फल मिल सके।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक बाबा श्याम को गुलाब और केसर दोनों इत्र अधिक प्रिय हैं। इसलिए हमेशा असली और शुद्ध इत्र का चुनाव करना चाहिए।

इत्र को हमेशा बाबा श्याम के चरणों में स्पर्श कराएं। या फिर फूलों की माला या गजरे पर रुई के फोहे की मदद से इत्र अर्पित करें।

जानिए इत्र अर्पित करने के नियम

अगर आप घर पर बाबा श्याम की पूजा में इत्र अर्पित कर रहे हैं, तो कभी बाबा के शीश पर सीधे तौर पर इत्र नहीं लगाना चाहिए। हमेशा अपने दाहिने हाथ की अनामिका उंगली से ही इत्र को स्पर्श कराना चाहिए। दीपक जलाने के बाद ही बाबा श्याम को इत्र सेवा देनी चाहिए। ऐसा करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह तेजी से बढ़ता है। साथ ही इत्र हमेशा सीमित मात्रा में अर्पित करना चाहिए। क्योंकि इत्र लगाने से फूलों की अपनी प्राकृतिक महक दब जाती है।

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