By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 30, 2022
यादव ने सत्तापक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, कभी कभी मुझे लोग समाजवाद सिखाने लगते हैं, नेता सदन सिखाएं तो कोई बात नहीं, जो पढ़ना नहीं जानते वे भी कभी कभी सिखाने लगते हैं। उन्होंने एक किताब का जिक्र किया और कहा कि सभी सदस्यों को यह किताब बांटना चाहता हूं। यादव ने दोहराया कि नेता सदन तो समाजवाद के बारे में जानते हैं, इसलिए उन्होंने अपने लिए एक किताब बनवाई और छपवाई, जिसके फ्रंट पर लिखा द राइज ऑफ ए सैफरन सोशलिस्ट। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अगर हम सोशलिस्ट हैं तो क्या गलत है, आप भी तो सोशलिस्ट हो। ये जो किसानों को पैसा बांट रहे, क्या ये सोशलिस्ट सिद्धांत नहीं है। क्या गरीब बेटियों को जो दे रहे हो वह समाजवादी सिद्धांत नहीं है। यादव ने कहा कि अगर सोशलिस्ट पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं तो आप डेमोक्रेटिक भी नहीं हैं, आप लोकतंत्रपर भरोसा नहीं करते, अगर लोकतंत्र पर भरोसा नहीं करते और समाजवादी नहीं हैं तो आप सेकुलर भी नहीं हो सकते हैं। यादव ने शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य समेत विभागवार चर्चा करते हुए बजट की खामियां गिनाई और कहा कि यह बजट किसानों के साथ धोखा देने वाला बजट है। इतना बुरा हाल हाउसिंग सेक्टर का कभी नहीं दिखा जितना भाजपा सरकार में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आपकी गलत नीतियों और फैसलों से गाय मां की संख्या कम होती जा रही है।