'यह जमीन हमारी है, 30 दिन में करें खाली', बिहार के एक गांव पर Waqf Board ठोका अपना दावा

By अंकित सिंह | Aug 29, 2024

वक्फ विल को लेकर लगातार चर्चा जारी है। इन सब के बीच पटना से सटे फतुहा के गोविंदपुर गांव से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, तमिलनाडु के एक गांव पर मालिकाना हक जताने के बाद अब वक्फ बोर्ड ने बिहार के एक पूरे गांव पर मालिकाना हक जताया है। बिहार वक्फ बोर्ड ने गोविंदपुर, जहां के 95% निवासी हिंदू हैं, के सात ग्रामीणों को नोटिस भेजकर 30 दिनों के भीतर जमीन खाली करने की मांग की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पटना से 30 किलोमीटर दूर स्थित गोविंदपुर में रहने वाले सात लोगों को नोटिस मिला है कि जिस जमीन पर उनका कब्जा है वह वक्फ की है और उन्हें इसे खाली करना होगा। हालाँकि, ग्रामीणों ने यह कहते हुए प्रतिवाद किया कि यह ज़मीन उनके दादाओं के समय से ही उनके परिवारों के पास है।

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इस महीने की शुरुआत में, जब अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक-2024 पेश किया, तो उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि कैसे कुछ सरकारी और निजी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया। उन्होंने 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए द्वारा वक्फ बोर्डों को दी गई निरंकुश शक्तियों पर सवाल उठाया। लोकसभा में अपने एक घंटे के संबोधन के दौरान रिजिजू ने सदन को बताया कि तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के एक गांव में सूरत नगर निगम के पूरे मुख्यालय को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया है। उन्होंने पूछा, "ऐसा कैसे हो सकता है? क्या नगर निगम किसी की निजी संपत्ति है? नगर निगम की जमीन को वक्फ संपत्ति कैसे घोषित किया जा सकता है?"

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