By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 23, 2025
उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को कहा कि उसने जलावतरण के दौरान अपने नए नौसैनिक विध्वंसक युद्धपोत के क्षतिग्रस्त होने की घटना के संबंध में जांच और जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
इस कार्यक्रम में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन भी शामिल हुए थे। उत्तर कोरियाई नेता किम देश के खिलाफ व्यापक होते अमेरिका नीत खतरों से निपटने के लिए बड़े युद्धपोत चाहते हैं।
उत्तर कोरिया के लिए सैन्य-संबंधी असफलताओं को स्वीकार करना सामान्य बात नहीं है लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पोत के जलावतरण के असफल रहने का खुलासा यह दर्शाता है कि किम अपने नौसैनिक कार्यक्रम के प्रति गंभीर हैं।
उत्तर कोरिया की आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) के अनुसार, 5000 टन श्रेणी का विध्वंसक पोत जलावतरण के समय ‘रैंप’ से फिसल गया और फंस गया जिससे युद्धपोत का संतुलन बिगड़ गया और उसका निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
केसीएनए ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘गंभीर नुकसान नहीं हुआ’’ है और इसे लगभग 10 दिन में ठीक किया जा सकता है। केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग ने इस घटना की जांच शुरू करते हुए चोंगजिन शिपयार्ड के प्रबंधक हांग किल हो को तलब किया है।
केसीएनए के अनुसार, आयोग ने कहा, ‘‘युद्धपोत की स्थिति चाहे कितनी भी बेहतर क्यों न हो, यह सच्चाई बदली नहीं जा सकती कि यह दुर्घटना एक अक्षम्य आपराधिक कृत्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से कभी बच नहीं सकते।’’
किम ने सैन्य अधिकारियों, वैज्ञानिकों और शिपयार्ड संचालकों को इस घटना के लिए दोषी ठहराया है। उन्होंने जून के अंत में होने वाली सत्तारूढ़ ‘वर्कर्स पार्टी’ की उच्चस्तरीय बैठक से पहले युद्धपोत की मरम्मत का काम पूरा करने का आदेश दिया है।