कश्मीर में नफरत फैलाने और विकास को रोकने की कोशिश करने वाले कभी नहीं होंगे सफल: मोदी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 28, 2019

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने कश्मीर के लोगों के विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिये बेताब होने का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि विकास की शक्ति, बम-बंदूक की शक्ति पर हमेशा भारी पड़ती है और जो लोग विकास की राह में नफरत फैलाना चाहते हैं, अवरोध पैदा करना चाहते हैं, वो कभी अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो सकते। आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जून महीने में जम्मू कश्मीर में आयोजित ‘गांव की ओर लौट चले’ जैसी ग्रामीण सशक्तिकरण पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम कोई सरकारी खानापूर्ति नहीं था कि अधिकारी दिन भर गाँव में घूमकर वापस लौट आएँ बल्कि इस बार अधिकारियों ने दो दिन और एक रात पंचायत में ही बिताई। सब जगह ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसमें उन गांवों के लोग भी शामिल हुए जो बेहद संवेदनशील और दूरदराज के इलाकों में स्थित हैं। सरकारी अधिकारी स्थानीय लोगों के साथ विकास योजनाओं पर चर्चा करने के लिए गांव गांव पहुंचे थे। ‘‘जिन अधिकारियों को कभी गाँव वालों ने देखा तक नहीं था, वो खुद चलकर उनके दरवाजे तक पहुँचे ताकि विकास के काम में आ रही बाधाओं को समझा जा सके, समस्याओं को दूर किया जा सके।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये अधिकारी उन सीमावर्ती पंचायतों तक भी पहुँचे, जो हमेशा सीमा पार से होने वाली गोलीबारी के साए में रहती हैं। यही नहीं शोपियां, पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग जिले के अति संवेदनशील इलाके में भी अधिकारी बिना किसी भय के पहुँचे।

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प्रदेश के लोगों की आदर सत्कार भावना की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे राज्य में पर्यटन में वृद्धि होगी। उन्होंने उत्तराखंड की चार धाम यात्रा का भी जिक्र किया जहां बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं और पर्यटकों ने पवित्र तीर्थस्थलों की यात्रा की है।उन्होंने बताया कि 2013 की विनाशकारी आपदा के बाद आठ लाख से अधिक लोग केदारनाथ मंदिर में दर्शन कर चुके है। अपने 25 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से 15 अगस्त को विशेष तैयारियों के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा,‘‘ आपको अवश्य ही इस तथ्य पर विचार करना चाहिए कि 15 अगस्त को कैसे लोक उत्सव के रूप में और जनता के त्यौहार के रूप में मनाया जा सकता है।’’ देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पर प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र, राज्य सरकारों के साथ मिलजुलकर तेजी से काम कर रहा है ताकि लोगों को तुरंत राहत पहुंचायी जा सके। उन्होंने साथ ही कहा कि जल संरक्षण के मुद्दे ने देश में हलचल पैदा कर रखी है।उन्होंने एक जल नीति तैयार करने के लिए मेघालय सरकार की सराहना की और साथ ही हरियाणा सरकार की भी प्रशंसा की जो किसानों को ऐसी फसलों की ओर उन्मुख कर रही है जिनमें पानी की कम जरूरत होती है।

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