By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 09, 2020
ह्यूस्टन। अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पर शोक मनाने के लिए यहां एक चर्च के बाहर देश भर के हजारों शोकाकुल लोग जमा हुए। दो हफ्ते पहले हुई फ्लॉयड की मौत और नस्ली अन्याय को लेकर अमेरिका तथा अन्य देशों में प्रदर्शन अब भी जारी हैं। ह्यूस्टन के रहने वाले, 46 वर्षीय फ्लॉयड को एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने हथकड़ी लगाकर जमीन पर गिरा दिया था और उसकी गर्दन को तब तक अपने घुटने से दबाये रखा था जब तक कि उसकी मौत नहीं हो गई। उसकी मौत के खिलाफ देश भर में हिंसक प्रदर्शन हुए जहां प्रदर्शनकारियों के एक धड़े ने पूरे अमेरिका में लूट और दंगों को अंजाम देकर बर्बादी का मंजर पैदा कर दिया। फ्लॉयड का शव शनिवार को ह्यूस्टन लाया गया और जहां मंगलवार को उसे दफनाया जाना है। उसके शव को अंतिम दर्शन के लिए दोपहर से शाम छह बजे तक छह घंटे तक के लिए रखा गया और इस दौरान चिलचिलाती धूप में 5,000 शोकाकुल लोग मास्क और दस्ताने पहने कतार में खड़े रहे।
टेक्सास के गवर्नर ग्रेग अबॉट ने सोमवार को जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं जाहिर की। उन्होंने फ्लॉयड के परिवार को उसके सम्मान में टेक्सास कैपिटल में फहराया गया एक झंडा भी सौंपा। अबॉट ने पुलिसिया तंत्र में सुधार को समर्थन देने का भी संकेत दिया। उधर, फ्लॉयड की मौत को दो हफ्ते गुजर जाने के बाद भी प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे और चार्लोट-मेकलेनबर्ग के पुलिस अधिकारी को प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने सीएमपीडी कैप्टन ब्रेड कोच को नारेबाजी करते हुए घेर लिया और एक श्वेत पुरुष प्रदर्शनकारी ने उनके बाल काट दिए।