By अभिनय आकाश | Jan 12, 2026
पाकिस्तान में बैठे प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की एक नई ऑडियो क्लिप सामने आई। जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस ऑडियो में मसूद अज़हर अपने संगठन की ताकत का दावा करते हुए कह रहा है कि जैश के पास बड़ी संख्या में आत्मघाती आतंकी मौजूद हैं जो किसी भी वक्त हमले को अंजाम देने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर ने एक ऑडियो संदेश में दावा किया है कि उसके पास 'हजारों' आत्मघाती हमलावर तैयार हैं। इस ऑडियो में मसूद अजहर ने कहा कि उसके कैडर की संख्या का खुलासा करने से वैश्विक मीडिया में हड़कंप मच जाएगा। यह बयान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश के ठिकाने पर भारतीय सेना हमलों के कुछ महीनों बाद आई है। इन हमलों में अजहर के कई करीबी मारे गए थे।
हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक तारीख और सत्यता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन खुफिया एजेंसियां इसे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा मानकर जांच कर रही हैं। ऑडियो संदेश में मसूद अजहर शहादत का जिक्र करते हुए यह दिखाने की कोशिश करता है कि उसके संगठन के आतंकी किसी भी सांसारिक लालच से दूर हैं। मसूद अजहर कहता है कि इस मजमे में अल्लाह के वो फिदाईन मौजूद हैं जो रात के 3:00 बजे उठ के सिर्फ अल्लाह से शहादत मांगते हैं। ना यह कहते हैं कि कर्जे उतर जाएं। ना यह कहते हैं कि बीवी मिल जाए। ना यह कहते हैं कि मकान मिल जाए। ना कहते हैं दुकान मिल जाए। ना यह कहते हैं कि बच्चे आज्ञाकारी बन जाए। ना यह कहते हैं कि यूरोप का वीजा मिल जाए।
ना यह अल्लाह से गाड़ी मांगते हैं, ना अल्लाह ताला से iPhone मांगते हैं। यह एक नहीं है। यह दो नहीं है। यह 100 नहीं है। यह 300 नहीं है। यह 1000 नहीं है। बता दूंगा तो कल दुनिया की मीडिया पर शोर मच जाएगा। ये अल्लाह से कहते हैं अल्लाह शहादत दे दे। हम अमीर के दिल में डाल दे। मुझे पहले नंबर पर कर दे। मुझे आगे कर दे। तरह-तरह की सिफारिशें करते हैं। मुझे अल्लाह का वास्ता देकर कहते हैं हमें जल्दी आगे भेज दो। मुझे रसूल के वास्ते देके कहते हैं हमें जल्दी आगे भेज दो। मुझे मदीना शरीफ की दुआएं देकर कहते हैं अल्लाह आपको मदीना दिखाएं। मुझे जल्दी आगे भेज दो। विशेषज्ञों का मानना है कि ये भाषा कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देने और नए युवाओं को उकसाने की रणनीति का हिस्सा है। यह ऑडियो ऐसे समय में आया है जब भारत ने कुछ ही महीनों पहले पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों पर सख्त कार्रवाई की थी। जिसमें संगठन के कई आतंकी मारे गए थे।