By अभिनय आकाश | Dec 04, 2024
दिल्ली हाई कोर्ट अवैध गतिविधियों के लिए धन इकट्ठा करने से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की दिल्ली इकाई के तीन सदस्यों को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने प्रथम दृष्टया यह देखते हुए परवेज अहमद, मोहम्मद इलियास और अब्दुल मुकीत को राहत दी कि उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपराध नहीं बनता है।
अदालत ने कहा कि धारा 45 की दो शर्तें पूरी हो गई हैं। ईडी के विशेष वकील को जमानत आवेदनों का विरोध करने का अवसर दिया गया है। प्रथम दृष्टया, हमारा मानना है कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ धन शोधन का अपराध नहीं बनता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सितंबर 2022 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा आईपीसी और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत पीएफआई और उसके सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद यह मामला दर्ज किया था।