वर्कआउट को आसान बनाने में काम आएंगे यह आवश्यक टिप्स

By मिताली जैन | Apr 20, 2019

वर्कआउट एक ऐसा शब्द है जो सुनने में बेहद अच्छा लगता है। अमूमन लोग खुद को फिट व आकर्षक बनाने के लिए वर्कआउट शुरू करते हैं, लेकिन कुछ ही समय में वह इससे बोर हो जाते हैं और उनका रूटीन बीच में ही छूट जाता है। कई लोगों को यह बेहद थकाने वाला महसूस होता है और इसलिए वह बहाने बनाकर इससे बचने का प्रयास करते हैं। आपकी वजह चाहे जो भी हो, लेकिन अगर वर्कआउट को लेकर सीरियस न हुआ जाए तो इससे कोई लाभ प्राप्त नहीं होता। अगर आपको भी वर्कआउट करना कठिन लगता है तो चलिए आज हम आपको ऐसे कुछ टिप्स बता रहे हैं, जिससे आप वर्कआउट को आसान व मजेदार बना सकते हैं−

म्यूजिक का सहारा

अगर आप सिंपल वॉक कर रहे हैं तो आप बेहद जल्द थक जाएंगे। वहीं अगर आप अपने पंसदीदा गानों को सुनते हुए वॉक करते हैं तो इससे आपको पता भी नहीं चलेगा और आप काफी देर तक वॉक कर लेते हैं। इसलिए आप चाहें जो भी एक्सरसाइज करें, अपने पंसदीदा गानों को हाई वॉल्यूम में सुनें। इससे कहीं न कहीं शरीर के भीतर एक उर्जा का संचार होता है। कुछ शोधों से भी इस बात का पता चला है कि कसरत के दौरान अगर संगीत सुना जाए तो यह व्यक्ति के परिश्रम के स्तर को बढ़ाता है।

बनाएं साथी

अगर सच में आप एक्सरसाइज को आसान, नियमित व ज्यादा इफेक्टिव बनाना चाहते हैं तो अकेले एक्सरसाइज करने के बजाय कोई वर्कआउट पार्टनर बनाएं या फिर कोई ग्रुप ज्वॉइन करें। दरअसल, जब आप अकेले एक्सरसाइज करते हैं तो आपको वह काफी उबाऊ लगता है। लेकिन जब आप ग्रुप में ऐसा करते हैं तो भले ही आपका मन न हो लेकिन दूसरों को देखकर आप भी एक्सरसाइज करने लगते हैं। फिर धीरे−धीरे आपको इसमें मजा आने लगता है।

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रिजल्ट पर फोकस

किसी भी काम के लिए अगर मोटिवेशन न हो तो उसके लिए मेहनत करना काफी मुश्किल हो जाता है। वहीं अगर उसी काम के रिजल्ट को दिमाग में रखते हैं तो आपका मस्तिष्क व शरीर अथाह परिश्रम करने के लिए भी तैयार हो जाता है। इसलिए अगर आप वर्कआउट कर रहे हैं तो एक माह का टार्गेट रखें। मसलन, आपको कितना वजन कम करना है या वर्कआउट के जरिए आप एक माह में क्या प्राप्त करना चाहते हैं। जब आपके सामने एक उद्देश्य होगा तो आपका मन उसे पूरा करने के लिए खुद ब खुद दौड़ेगा।

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दर्द को लें सकारात्मक

बहुत से लोग वर्कआउट महज इसलिए छोड़ देते हैं क्योंकि शुरूआती दिनों में उन्हें मसल्स पेन होता है और फिर उन्हें लगता है कि वर्कआउट उनके बस की बात नहीं। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। आप दर्द को नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक रूप में लें। यह सोचने की बजाय कि आपको दर्द हो रहा है और अब आप एक्सरसाइज नहीं कर सकते। यह सोचें कि दर्द होने का मतलब है कि आपकी मांसपेशियां मजबूत हो रही हैं और बेहतरी के लिए बदल रही हैं। इससे भी आपको मोटिवेशन मिलेगा।

मिताली जैन

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