Tirupati Venkateswara Temple News । विशेष दर्शन के लिए टिकट की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, गेस्ट हाउस और कमरों के किराए 10 गुना बढे

By एकता | Jan 09, 2023

भारत के सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक तिरुपति वेंकटेश्वर मन्दिर के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं के लिए दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। दरअसल, हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बालाजी के दर्शन करने आते हैं और इसके लिए उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। लेकिन अब तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने श्रद्धालुओं को इस चीज से छुटकारा देते हुए ऑनलाइट टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। भगवान श्री वैंकटेश्‍वर के दर्शन करने के लिए अब आगे से श्रद्धालुओं को लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा और न ही घंटों इंतजार करना पड़ेगा।

टीटीडी ने तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर में विशेष दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा 9 जनवरी से शुरू कर दी है। एक व्यक्ति के लिए 300 रुपये की टिकट तय की गई है और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए टिकट खरीदने की आवश्यकता नहीं है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थान मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट tirupatibalaji.ap.gov.in या tirumala.org पर जाकर 24 घंटे पहले टिकट बुकिंग होगी। यह टिकट 12 जनवरी से 31 जनवरी और फरवरी के लिए होगी। ट्रस्ट ने बताया है कि 22 फरवरी से 28 फरवरी तक की अवधि में बालयम के कारण दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गेस्ट हाउस और कॉटेज के किरायों में बढ़ोतरी

दूसरी बड़ी खबर ये सामने आ रही है कि टीटीडी ने तिरुमला में गेस्ट हाउस और कॉटेज के किराए बढ़ा दिए हैं। बता दें, तिरुमला में रुकने के लिए जो कॉटेज और गेस्ट हाउस है, वह सभी टीटीडी के हैं। खबरों के मुताबिक, इन कॉटेज और गेस्ट हाउस के किरायों में लगभग 10 गुना की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी को लेकर एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है।

टीटीडी ने दी सफाई

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सोमू वीरराजू ने किरायों में बढ़ोतरी को लेकर टीटीडी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'नारायणगिरी गेस्ट हाउस में कमरे का किराया जो 750 रुपये था, उसे अब बढ़ाकर 1,700 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, विशेष प्रकार के कॉटेज का किराया 750 रुपये से बढ़ाकर 2200 रुपये कर दिया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंदिर ट्रस्ट जिसकी गतिविधियों को धर्मार्थ होना चाहिए प्रकृति वास्तव में व्यावसायिक होती जा रही है और इस तरह के फैसले आम भक्तों पर एक बड़ा बोझ डालते हैं।' वहीं टीटीडी ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा, 'इन विश्राम गृहों का किराया लगभग तीन दशक पुराना था। हालांकि, भक्तों के दिए गए सुझावों और प्रतिक्रिया के आधार पर, नए एयर कंडीशनर, गीजर, लकड़ी के खाट और आधुनिक फर्नीचर शामिल किए गए हैं और कमरे के टैरिफ को उचित रूप से युक्तिसंगत बनाया गया है।'

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