राहुल गांधी के इशारे पर नहीं चलना चाहती है तृणमूल, विपक्षी दलों का नेतृत्व करने का देख रही सपना !

By अनुराग गुप्ता | Aug 07, 2021

नयी दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में महंगाई, कृषि कानून, पेगासस जासूसी समेत कई मुद्दों पर कांग्रेस के साथ पूरा विपक्षी दल एकजुट दिखाई दिया। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आने वाले चुनावों में भी पूरा विपक्ष एकजुट दिखाई देगा। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी जहां सभी को एक छत के नीचे लाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी सत्ता के शिखर पर पहुंचने का ख्वाब देख रही हैं। 

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अंग्रेजी समाचार पत्र 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के सूत्र ने बताया कि हम संसद में एक मजबूत समूह हैं, इसलिए हमने दूसरों के साथ काम करते हुए मुद्दों को अपने तरीके से उठाने का फैसला किया है। पार्टी के सभी नेताओं की एक बैठक होनी चाहिए, जिसके लिए ममता बनर्जी दिल्ली में थीं।दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने कई मौकों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके पास नेतृत्व भूमिका के लिए नेता मौजूद है। ऐसे में वह तमाम विपक्षी दलों को एकजुट कर नेतृत्व परिवर्तन में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं। हालांकि बीते कुछ दिनों से राहुल गांधी भी संसद के कामकाज को लेकर काफी एक्टिव हुए हैं।

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