ममता सरकार पर PM के आरोपों का TMC ने दिया जवाब, डेरेक ओ ब्रायन ने कही ये बात

By अंकित सिंह | Feb 23, 2021

पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज है। एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस पर सरकार बचाने की चुनौती है तो वहीं भाजपा सत्ता में आने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली में दौरा कर ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने तो ममता सरकार पर विकास को लेकर केंद्र द्वारा लाए गए कल्याणकारी योजनाओं को रोकने और दुर्गा पूजा की अनुमति नहीं देने का भी आरोप लगा डाला। इसी आरोप पर अब तृणमूल कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने एक बयान में केंद्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल ने पहले ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.5 लाख लाभार्थियों का विवरण केंद्र को भेज दिया था, लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला था। 

इसे भी पढ़ें: टूलकिट मामला: शांतनु मुलुक ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया

रोजगार को लेकर राज्य से लोगों के बाहर जाने के आरोप पर टीएमसी नेता ने कहा कि 2012 में 34.6 लाभ की तुलना में बंगाल में आज लगभग 89 लाख के छोटे व्यवसाय संचालित हो रहे हैं जिनमें 1.35 करोड़ लोगों को रोजगार दिए जाते हैं। ओ'ब्रायन ने यह भी दावा किया कि राज्य में पहले ही किसानों के लिए कई योजनाएं बना रखी है जिसके तहत 10 साल में आए में 3 गुना वृद्धि देखी गई है और चिकित्सा बीमा भी दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में ममता सरकार पर जूट कारखाने बंद करने और आलू की खेती में विफल रहने का भी आरोप लगाया।  इसका जवाब देते हुए डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि 2019 में राज्य ने सात करोड़ जूट बैग खरीदे हैं जबकि केंद्र ने जूट बोर्डों को समाप्त कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बंगाल में 30 लाख मैट्रिक टन से अधिक का आलू निर्यात करने की क्षमता है। केंद्र ने आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा दिया है। 

प्रमुख खबरें

World Cup के बीच Barcelona में बड़ी हलचल, Lamine Yamal के बयान से Transfer Market में मची खलबली

अमेरिकी बेस पर Iran का बड़ा Missile Attack, Jordan ने हवा में ही किया नाकाम, तनाव चरम पर

Sanju Samson को बाहर करने पर R Ashwin का BCCI पर बड़ा हमला, बोले- यह सरासर नाइंसाफी है

Argentina की जीत पर Egypt का हंगामा, रेफरी विवाद पर FIFA का कड़ा जवाब- हमारे फैसलों पर सवाल न उठाएं।