By दिव्यांशी भदौरिया | Oct 03, 2026
बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों में जितिया व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। जितिया व्रत माताएं अपनी संतानों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए रखती हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस निर्जला कठिन व्रत का समापन पारण के साथ होता है।
सतपुतिया (झिंगनी) की सब्जी बनाने की पारंपरिक विधि
आमतौर पर सतपुतिया को कई जगहों पर झिंगनी या तोरई परिवार की खास किस्म कहा जाता है, जितिया पारण की सबसे मुख्य सब्जी है। देखें रेसिपी-
सामग्री
500 ग्राम- सतपुतिया
2- हरी मिर्च
आधा चम्मच- जीरा,
एक चुटकी- हींग
हल्दी पाउडर
धनिया पाउडर
स्वादानुसार नमक
सरसों का तेल
बनाने की विधि
- सबसे पहले सतपुतिया को धोकर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
- इस बात का ध्यान रखें कि सतपुतिया में पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है, इसलिए इसमें अलग से पानी न डालें।
- अब कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें।
- इसके बाद तेल गर्म होने पर उसमें जीरा और हींग का तड़का लगाएं।
- इसमें कटी हुई हरी मिर्च और प्याज डालकर हल्का सुनहरा भून लें
- अब कटी हुई सतपुतिया, हल्दी, धनिया और नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें।
- इसके बाद कड़ाही को ढककर मध्यम आंच पर पकने दें।
- इसको आप बीचों-बीच में चलाते रहे हैं, जब तक कि पानी पूरी तरह सूख न जाए और सब्जी नरम न हो जाए।
छोटा चना की पारंपरिक विधि क्या है?
सतपुतिया की सब्जी के साथ छोटे काले चने की सूखी सब्जी या रसदार घूघनी का संयोजन जितिया पारण के खाने का पूर्ण बनाया जाता है। नीचे पढ़े रेसिपी-
सामग्री
1 कप छोटे काले चने
1 चम्मच अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट
आधा चम्मच जीरा
तेजपत्ता
हल्दी
लाल मिर्च पाउडर
गरम मसाला
नमक
सरसों का तेल
बिहारी स्टाइल छोटे चने बनाने की तरीका
- सबसे पहले भीगे हुए चनों को कुकर में थोड़ा-सा पानी और नमक डालकर 4 से 5 सीटी आने तक अच्छी तरह उबाल लें।
- अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। इसमें जीरा और तेजपत्ता डाल दें।
- इसके बाद अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट डालकर कच्चापन दूर होने तक भूनें।
- उबले हुए चने और सूखे मसाले (हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर) अच्छे से मिला लें।
- मसालों को चनों के साथ 3 से 4 मिनट तक भून लें, जिससे स्वाद अंदर तक चला जाए।
- अंत में थोड़ा-सा गरम मसाला छिड़कर इसे आंच से उतार लें।