By डॉ. अनिमेष शर्मा | Sep 08, 2026
इलेक्ट्रिक स्कूटर अब केवल शहर के छोटे सफर तक सीमित नहीं रह गए हैं। बेहतर बैटरी क्षमता और लंबी रेंज के साथ बाजार में ऐसे कई मॉडल मौजूद हैं, जिन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि अब EV यूजर्स के बीच रोड ट्रिप को लेकर भी दिलचस्पी बढ़ रही है।
कुछ साल पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर मुख्य रूप से शहर के भीतर आने-जाने के लिए पसंद किए जाते थे। कम बैटरी क्षमता और सीमित रेंज के कारण लंबी दूरी की यात्रा चुनौतीपूर्ण होती थी। अब 300 किलोमीटर से ज्यादा दावा की गई रेंज वाले स्कूटर बाजार में मौजूद हैं, जिससे लंबी दूरी के सफर का विकल्प खुल गया है।
लंबी रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों की सूची में Komaki SE Ultra प्रमुख नाम है। इसमें 7.2 kWh की बैटरी दी गई है और कंपनी के अनुसार यह सिंगल चार्ज में 418 किलोमीटर तक की रेंज देता है। इस दावे के आधार पर दिल्ली से ऋषिकेश का सफर एक चार्ज में पूरा किया जा सकता है और बैटरी में कुछ रेंज शेष भी रह सकती है। स्कूटर में LED फ्रंट लाइट्स, LED DRLs, एंटी-स्किड टेक्नोलॉजी, पार्किंग असिस्ट और रिवर्स असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं।
Simple Ultra भी लंबी दूरी के लिए आकर्षक विकल्प है। इसमें 6.5 kWh बैटरी दी गई है और यह 400 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करता है। इसकी टॉप स्पीड 115 km/h है। कंपनी के अनुसार यह 0-40 km/h की रफ्तार 2.77 सेकंड में पकड़ सकता है। 0 से 80 प्रतिशत चार्ज होने में करीब 2 घंटे 15 मिनट लगते हैं।
Komaki XR7 करीब 322 किलोमीटर की दावा की गई रेंज के साथ आता है। इसकी टॉप स्पीड 55 km/h है। इसमें 35 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जो रोड ट्रिप के दौरान सामान रखने के लिए उपयोगी हो सकता है। स्कूटर में 12-इंच के व्हील्स और डिस्क ब्रेक्स भी दिए गए हैं।
Ola S1 X+ का 5.2 kWh बैटरी वाला वेरिएंट 320 किलोमीटर तक की रेंज का दावा करता है। इसकी टॉप स्पीड 125 km/h है। इस रेंज के आधार पर यह भी दिल्ली से ऋषिकेश की दूरी एक बार फुल चार्ज करने पर तय करने में सक्षम हो सकता है।
हालांकि कंपनियों द्वारा बताई गई रेंज आदर्श परिस्थितियों में प्राप्त हो सकती है। हाईवे पर लगातार तेज रफ्तार, चढ़ाई, अतिरिक्त वजन और मौसम वास्तविक रेंज को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दिल्ली से ऋषिकेश जैसी यात्रा पर निकलने से पहले बैटरी प्रतिशत, चार्जिंग विकल्प और रूट की स्थिति जरूर जांचना बेहतर रहेगा।
- डॉ. अनिमेष शर्मा