By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2023
नयी दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के बर्ताव की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह ‘बहुत परेशान करने वाला’ था। आईओसी की प्रतिक्रिया यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) द्वारा जंतर मंतर पर अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान पहलवानों को हिरासत में लेने की आलोचना के बाद आई है। कुश्ती के इस वैश्विक निकाय ने निर्धारित समय के भीतर अपना चुनाव कराने में विफल रहने पर इस राष्ट्रीय महासंघ को निलंबित करने की धमकी दी थी। साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और संगीता फोगाट जैसे शीर्ष पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया है।
रविवार को दिल्ली पुलिस ने साक्षी के साथ विश्व चैंपियनशिप की कांस्य विजेता विनेश और एक अन्य ओलंपिक पदक विजेता बजरंग को हिरासत में लिया और बाद में उनके खिलाफ कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज की। पहलवान और उनके समर्थक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नये संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश और फिर उन्हें जबरदस्ती बस में डाल कर ले गये। पहलवान एक नाबालिग सहित कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में बृजभूषण को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
आईओसी ने अपने बयान में आगे कहा, ‘‘ आरोपों की शुरुआत से ही आईओसी यूडब्ल्यूडब्ल्यू के संपर्क में है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने पहले ही इस मामले पर अपने कदम उठाये है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ आईओसी इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए यूडब्ल्यूडब्ल्यू का समर्थन करता है क्योंकि यह भारत में कुश्ती के खेल के शासन से संबंधित है। हमें उन्होंने सूचित किया है कि डब्ल्यूएफआई के (पूर्व) अध्यक्ष वर्तमान में प्रभारी नहीं हैं।’’ आईओसी ने आईओए से खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ डब्ल्यूएफआई के चुनावों को योजना के अनुसार और अंतरराष्ट्रीय महासंघ के रूप में यूडब्ल्यूडब्ल्यू के नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा है।