Kashmir में Parwaz Scheme से युवाओं को हो रहा बड़ा लाभ, आदिवासी कश्मीरी युवक ने पहले ही प्रयास में पास की JKAS परीक्षा

By नीरज कुमार दुबे | Sep 02, 2023

जम्मू-कश्मीर के हालात में सुधार का सबसे ज्यादा फायदा हमारी नौजवान पीढ़ी को हो रहा है क्योंकि अब उन्हें मुख्यधारा के क्षेत्रों में कॅरियर बनाने के अवसर मिल रहे हैं। देखा जाये तो कश्मीर के युवा हमेशा से ही योग्य रहे हैं लेकिन लंबे समय तक उन्हें भटका कर रखा गया था। आज हुनर और परिश्रम का सही दिशा में उपयोग हो रहा है तो कश्मीरी युवाओं के सपने साकार हो रहे हैं साथ ही उनके परिवारों के भी अच्छे दिन आ रहे हैं। गुजरे समय की बात करें तो कश्मीर में दशकों तक हालात खराब रहने का खामियाजा स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ता था क्योंकि अक्सर हालात सामान्य नहीं होने या फिर अलगाववादियों की ओर से बंद के आह्वान के चलते शिक्षण संस्थान बंद रहते थे। लेकिन अब शिक्षण संस्थान पूरी तरह खुले रहते हैं, स्थानीय स्तर पर कोचिंग सेंटर भी खुले हैं और देश के बड़े कोचिंग सेंटर भी कश्मीर आ रहे हैं साथ ही सरकारी स्तर पर भी छात्रों को कोचिंग दी जा रही है। इसके अलावा कश्मीर में दूरदराज के क्षेत्रों में अभियान चलाकर खासतौर पर लड़कियों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में बुनियादी के साथ ही आधुनिक सुविधाएं भी बढ़ायी गयी हैं जिसके अच्छे परिणाम नजर आने लगे हैं।

इसे भी पढ़ें: Public Opinion: कश्मीरियों की नजर में Modi भारी हैं या I.N.D.I.A. गठबंधन ? आखिर किसको वोट देंगे Kashmir के लोग?

इसके अलावा प्रशासन की ओर से युवाओं के लिए रोजगार तथा रोजगार पाने में मदद संबंधी कई नई योजनाएं शुरू की गयी हैं। ऐसी ही एक योजना है परवाज़ जिसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जाती है। इसका लाभ भी बड़ी संख्या में कश्मीरी युवाओं को हो रहा है। जैसे परवाज़ योजना से मिली निःशुल्क कोचिंग के चलते राजौरी जिले के एक युवक ने प्रतिष्ठित जेकेएएस परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में पास कर लिया है। राजौरी जिले के एक छोटे-से गांव बुद्धल के रहने वाले 22 साल से कम उम्र के आदिवासी युवक तलत महमूद चौधरी ने जेकेएएस परीक्षा में कमाल का प्रदर्शन किया है जिसके चलते पूरा गांव उनके घर पर बधाई देने के लिए जुट रहा है। गांव वालों का कहना है कि हाल में शुरू की गयी परवाज़ योजना काफी फायदे वाली है। गांव वालों ने उम्मीद जताई कि जैसे तलत ने गांव का नाम रौशन किया है वैसे ही गांव के अन्य छात्र-छात्राएं भी आगे बढ़ेंगी। गांवा वालों को यह भी उम्मीद है कि तलत के सरकारी अधिकारी बन जाने से गांव को ज्यादा लाभ मिलेंगे।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

जब धार्मिक संस्थाए शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा से जुड़ती है, तो सांदीपनि आश्रम की झलक दिखाई देती है: मगनभाई पटेल

सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद भी Donald Trump के तेवर कड़े, भारत को देना होगा शुल्क, समझौते में नहीं होगा बदलाव

राष्ट्र निर्माण केवल किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व , RSS सरसंघचालक Mohan Bhagwat का बयान

बिहार की सियासत में महाभारत! Maithili Thakur के धृतराष्ट्र वाले बयान पर Tejashwi Yadav का तीखा पलटवार